Jharkhand government results

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17/11/2022

झारखंड के लोगों को उनकी पहचान , 1932 का खतियान पास कर सम्मान देने का काम महागठबंधन की सरकार ने माननीय मुख्यमंत्री जी की अगुवाई में किया है। साथ ही, OBC वर्ग को भी 14% से 27% आरक्षण देने का काम हमारी सरकार ने किया है। आज का दिन झारखंड और झारखंडियत के लिए स्वर्णिम भरा दिन है। इस कार्य के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को दिल से आभार।

जय झारखंड , जोहार झारखंड !!

29/12/2019

#हेमंत सोरेन की सरकार ने पहली #कैबिनेट में यह फैसला लिया है कि झारखंड सरकार का जो लोगो (प्रतीक चिन्ह) है उसे बदला जाएगा। सरकार ऐसा लोगो बनवाना चाहती है जिसमें राज्य की संस्कृति, परंपरा, इतिहास एवं स्वर्णिम भविष्य को दर्शाएं। राज्य सरकार का जो पहले का लोगो था उसे तय करने वाले कमेटी के एक आईएएस अधिकारी ने बताया कि उसमें 4 हरे रंग से लिखा हुआ J है जो झारखंड को दर्शाता है। साथ ही उसमें अशोक चक्र है। अब देखना होगा कि नए झारखंड का नया लोगो नया चिन्ह क्या होता है।

साभार

26/11/2019
29/09/2019

आज रांची एयरपोर्ट में झारखंड और देश की शान महेंद्र सिंह धोनी के साथ बहुत देर तक क्रिकेट और देश-दुनिया की बात हुई।लाउंज में अच्छा समय बीता।

29/09/2019

""""BJP मुक्त झारखंड सरकार का निर्माण करे """"
लगातार हो रहे बारिश से झारखंड वाशी को एक सिख सिखना चाहिये, झारखंड के सारे कचड़ा, गंदगी को पानी जिस तरह बहा कर ले गया और एक स्वस्थ झारखंड है ,ठीक उसी तरह आने वाले विधानसभा चुनाव में BJP के झारखंड से उठा फेके और BJP मुक्त झारखंड सरकार का चुनाव करे,
1)स्टूडेंट वोट देंगे नही jpsc
2)आंगनवाड़ी सेविका पर लाठीचार्ज के कारण उनके पूरे परिवार और रिश्तेदार,पड़ोसी भी आपको वोट देंगे नही
3)पारा शिक्षक और उनके पूरे परिवार भी आपको वोट देने से रहे
4)आपके भाषणों में "डिग्री हासिल करने से कुछ नहीं होता,डिग्री की कोई जरूरत नहीं,हुनर से काम मिलेगा" वाली लाइन और इस प्रकार के और भी बिना ओर-छोर वाली बातों के कारण भी बहुत लोग हतास है
5)आपके व्यवहार के कारण आपके सरकारी कर्मचारी भी आपको वोट देने से रहे
6)हिन्दू संगठन के लोगों पर सबसे ज्यादा मुकदमा आपके शासन में हुआ आपके इस रवैये से रुष्ट है
7) ABVP पर लाठी चार्ज
8) पारा शिक्षक पर फूल चार्ज
9) आंगनबाडी़ सेविकाओं पर हाई चार्ज
10) हाथी उडा़ देना
11) बेटी रोटी की गाली से ब्राह्मणों का अपमान
12) 13/11 जिला विभाजन
13) राशन की दुर्लभता से भूखमरी
14) JPSC मे भ्रष्टाचार
15) झूठी नौकरी का आंकडा़
16) बिजली फेल
17) शराबखोरी मे छूट
18) सरकारी पैसे की लूट
19) कोनार डैम विनाश
20) शिक्षामुक्त झारखंड
21) आदिवासी मुक्त झारखंड
22) भ्रस्टाचारियों का संरक्षण
23) गरीब के जमीनों को लूटा जाना
.....लिस्ट बहुत लंबी है.......

ताकि रघुवर दास के नेतृत्व वाली झारखंड में भाजपा सरकार की असलियत सबको पता चले ,धन्यवाद 🙏🙏🙏

24/09/2019

पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला आंगनबाड़ी सेविकाओं पर बरसायी लाठियां, थप्पड़ मारे

राँची: करीब 44 दिनों से हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी सेविकाओं का आज सब्र का बांध टूट गया. जिसका नतीजा सेविकाओं को बेतरतीब तरीके से भुगतना पड़ा. रांची के हथछुट्टे पुलिस कर्मियों ने अपना सारा गुस्सा महिलाओं पर निकाला. एक बार भी उन्होंने कानून की नहीं सोची कि वो महिलाओं को हाथ नहीं लगा सकते. ताज्जुब तो वहां खड़े पत्रकारों को सुन कर यह लगा कि एक पुलिस कर्मी महिलाओं पर हाथ साफ करने के बाद कह रहा था कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. राज्य की आंगनबाड़ी सेविकाओं पर बर्बरतापुर्ण तरीके से लाठी चार्ज किया गया है. थप्पड़ भी जड़े गये हैं. पकड़ पकड़ कर डंडे से मारा गया है. इसके बावजूद महिलाएं अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहीं थीं. वे थमना नहीं चाह रही थीं. बर्बर रवैये के बावजूद जमीं हुई थीं।

पुलिसकर्मी उन्हें पुलिसिया धौंस से लगातार डरा रहे थे। सरकार जानती थी कि आंगनबाड़ी सेविका सहायिका सिर्फ महिलाएं हैं. प्रशासन को पता भी था कि ये सीएम आवास को घेरंेगी. प्रशासन को पता था कि उन्हें रोकना है, तो फिर महिला पुलिसकर्मी तैनात क्यों नहीं कराया. नहीं भी पता था तो क्या जितने देर में पुरुष पुलिसकर्मी उन्हें रोकने आए, उनपर लाठीचार्ज करने आए उतने देर में क्या महिला पुलिसकर्मी नहीं आ सकती थी. या ऐसा मान लिया जाए कि प्रशासन ने जानबुझकर पुरुष पुलिसकर्मी को ही बुलाया. मीडिया में जारी विडियो में कोतवाली थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल एक महिला आंगनबाड़ी सेविका पर थप्पड़ जड़ रहे हैं, डंटे से मार रहे हैं. साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं पर डंडे बरसाना कितना उचित है. ऐसा ही चलेगा तो कैसे कोई सरकार से अपना हक मांगेगा. क्या संविधान धरना प्रर्दशन का हक नहीं देता. क्या अपना हक मांगने पर महिलाओं को ऐसे ही पुरुष पुलिसकर्मियों से थप्पड़ और डंडे खाने पड़ेंगे।

महिला को पुरूष कर्मी क्यों मारेंगे

पुलिस के बल प्रयोग किये वीडियो में साफ दिख रहा है कि इन महिला सेविकाओं पर महिला नहीं बल्कि पुरूष पुलिसकर्मियों द्वारा बल प्रयोग किया गया है. इस दौरान मीडिया से बातचीत में महिला सेविकाओं ने भी नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि महिला सेविकाओं को पुरूषकर्मी दौड़ा-दौड़ा कर पीट कर रहे थे. आखिर हम सेविकाओं को पुरूष पुलिस कर्मी क्यों मारेंगे. इससे पहले धरने पर बैठी आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका ने मंगलवार लगभग 3 बजे आक्रोशित होकर राजभवन के पास लगे बैरिकेट को तोड़ राजभवन गेट के पास पहुंच गयी. इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. खबर लिखे जाने तक कई सहायिकों के घायल होने की सूचना है. किन्हीं को हाथ में चोट लगी है तो किसी को पैरों में. इस नाराज आक्रोशित आंगनवाड़ी सेविकाएं लगातार सरकार के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी कर रही हैं.

मांगों को लेकर 88,000 सेविकाएं हैं आंदोलन

झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ये महिलाएं पिछले 21 अगस्त से आंदोलनरत है. राज्य में इनकी संख्या लगभग 88,000 है. सेविकाओं ने सरकार के समक्ष कई मांगों को रखा है. इसमें आंगनबाड़ी कर्मियों का स्थायीकरण, जनवरी 2018 में हुए समझौते को लागू करने, मानदेय के स्थान पर वेतन देने, न्यूनतम वेतन लागू करने, समान काम के लिये समान वेतन दिये जाने सहित स्वास्थ्य बीमा देने की मांग है.

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