AJSU PARTY IS A FUTRUE OF JHARKHAND.
ारखंड के निर्माण की लड़ाई अंततः 15 नवम्बर 2000 को उस वक्त सफलीभूत हुई, जब शहीद बिरसा मुंडा की जंयती पर ‘अबुआ दिशुम अबुआ राज’ का सपना साकार हुआ। समय के साथ पूरे झारखंड में आजसू के प्रति आम जनता का झुकाव बढ़ता गया और उसकी पहचान जनता के हित में सोचने वाली पार्टी के रुप में होने लगी है। गठन के 26 साल पुरे कर चुकी पार्टी न केवल अपनी यौवनावस्था में पहुँच चुकी है, बल्कि नौजवानों की तरह समाज , प्रांत और देश के पर्ति अपनी जिम्मेदारी भी समझने लगी है। आजसू की बढ़ती लोकप्रियता का यह आलम है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी पार्टी त्यागकर आजसू में सम्मिलित हो रहे हैं। सर्वधर्म समभव के सिद्धांत को स्थापित करना, राज्य में बेहतर शैक्षणिक, आर्थिक, सामजिक, सांस्कृतिक अवं राजनैतिक माहौल विकसित करना, क्षेत्रिय झारखंडी भाषाओं को उचित स्थान दिलाना एंव इसको विकसित करना, प्रकृतिक संसाधनों का झारखण्डी हित में बेहतर उपयोग जहाँ आजसू पार्टी की विचारधारा में समाहित हैं, वहीं झारखंड राज्य को समतामूलक, शोषण-मुक्त भ्रष्ट्राचार-मुक्त, प्रगतिशील झारखंड राज्य के रूप में स्थापित करना तथा समाज के सबसे निचले स्तर पर जीवनयापन करने वालों की आवाज बनकर उनके हक और हुकूक की लड़ाई को नेतृत्व प्रदान करना पार्टी के सिद्धांत का महत्वपुर्ण हिस्सा। स्वच्छ, सुदृढ़ तथा जवाबदेह शासन व्यवस्था लागू करना, झारखंड राज्य के साथ ओड़िशा तथा पश्चिम बंगाल के कुछ सिमावर्ती जिलों को मिलाकर वृहत झारखंड राज्य का निर्माण करना आजसू की सकारात्मक राजनीतिक सोंच का परिचायक है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक और सामजिक विकास के सूचकांक की दृष्टि से समाज के हाशिये पर पहूँचे आम आदमी के प्रति आजसू की हितकारी सोच का सबसे अच्छा उदाहरण और क्या हो सकता है कि जहाँ अन्य सभी दल धन, जन और बल देखकर अपने उम्मीदवार तय करते हैं, वहीं आजसू पार्टी गरीबी रेखा के निचे रहने वाले (बी. पी. एल.) उम्मीदवारों को तलाश रही है, ताकी आम जन को कम से कम उसके मौलिक अधिकार तो प्राप्त हो सके। आजसू यह सोचती है कि मतदान में गरीबों की भले ही समान हिस्सेदारी हो, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद उन्हें भूला दिया जाता है। गरीबों को बराबर का सम्मान दिलाना और उन्हें एकजुट करना आजसू पार्टी का उद्देश्य है। इसमें कतई कोई संदेह नहीं कि पृथक झारखंड का गठन जिस सपने को लेकर किया गया था, वह सपना आज तक हकीकत में नहीं बदल सका है। यह प्रदेश का दुर्भाग्य ही है कि कोई भी सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी है। राजनीतिक अस्थिरता इस प्रदेश के माथे पर कलंक की तरह है। अपनी-अपनी कुर्सी बचाने और जोड़जोड़ की रजनीति में प्रदेश को अविभाजीत बिहार से अलग होने का उतना लाभ नहीं मिला जितनी उम्मीद की जा रही थी। आजसू पार्टी को इस बत का निश्चित तौर पर गर्व होना चाहिए की सरकार बनाने में हमेसा उसकी अहमियत समझी गई और इसे वर्ष 2000 एंव 2005 तथा एक बार फिर 2009 में सरकार में शामिल करना पड़ा। आंकड़े झूठ नहीं बोलते और झारखंड में विकास की कमोबेस जो धारा बही, उसमें हमारी भूमिका कि अजरंदाज नहीं किया जा सकता । सरकार में शामिल होने के बाद हमारी प्रथमिकता राज्य में विधि-व्यवस्था सूचारू ढ़ंग से चलाने और विकास गति प्रदान करने की रही। वर्ष 2000 में आजसू पार्टी को सरकार में बहुत छोटा दायित्व मिला था, इसे उसने बखूबी निभाया। वर्ष 2005 में उसे पुनः अवसर मिला और इस बार भी इसने विकास के नये-नये आयाम गढ़े। राज्य में विधि व्यवस्था सुधारने के लिए 77 नये थान भवन बनाये गये। थाने में गरीब बिना भय के पहूंच सके, ऐसी व्यवस्था की गयी, लेकिन वातावरण तैयार हो ही रह था कि सरकार चली गयी। सन् 2009 में ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी मिलने पर हमारी पार्टी ने ऐसा काम कर दिखाया जो एक मिसाल के रूप में है। चाहे जलसंसाधन विभाग की जिम्मेदारी हो या वन एंव पर्यावरण विभाग की , पंचायती राज का कार्यभार हो या ग्रामीण विकास अथवा खेल-कूद, कला-संस्कृति एंव युवा प्रभाग या विज्ञान एंव प्रौद्धोगिकी विभाग का उत्तरदायित्व, हमने वह सब कर दिखाया है, जो शायद ही किसी अन्य मंत्रालयों में किसी ने किया हो। इसका एक और ताजा उदाहरण है। इन संस्थाओं में उन्हें योजना तैयार करने, उसे लागू करने एंव शासन के विभिन्न विधाओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वयं सहायता समूहों के माधयम से महिला सशक्तीकरण के लिए संजीवनी परियोजना का क्रियान्वयन हमारी महत्वपुर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। महिलाओं के कौशल विकास एंव उन्हें जीवन बीमा की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ‘संजीवनी योजना’ की शुरूवात करने का निर्णय हमने लिया। इस योजना से जहाँ महिलाओं के आर्थिक रूप से सबल बनाने में मदद मिलेगी वहीं उनमें सुरक्षा की भवना का भी संचार होगा। हमारी कुछ महत्वपुर्ण परियोजनाओं में से एक है – ‘जोहार परियोजना’, जिसका उद्देश्य वैसे परिवारों की क्षमता का विकास कर आय बढ़ाने हेतू तकनीकि एंव वित्तीय सहायता प्राप्त करना, जिनकी आजीविका कृषि, पशुपालक, कृषि श्रम और परम्परागत कौशल पर आधारित हैं। पांच महत्वपुर्ण विभागों- कृषि, प्रथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण, महिला एंव समाज क्ल्याण – के जिला एवं प्रखंड – स्तरीय कर्मियों को पंचायती राज संस्थांओं के प्रशासनिक नियंतण में लाने की कारवाई आजसू का मुख्य मकसद रहा है। पंचायती राज संस्थाएं अपने क्षेत्रधिकार के अंतर्गत अराजपत्रितकर्मियों को स्थानांतरित एंव दंडित भी कर सकेगी तथा राजपत्रित पदाधिकारी के मामले में राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं भेज सकेंगी। हमने ग्राम पंचायतों को एक लाख रूपये तक योजना स्वीकृत्त के अधिकार दिलाए हैं। पंचायत समिति को पाँच लाख तथा जिला परिषद को 25 लाख रुपये तक की योजनाओं पर स्वीकृति के अधिकार दिये गए हैं। हमने दो लाख रूपये तक की योजनाएं बिना निविदा के लाभूक समिति के माध्यम से कराने के अधिकार भी पंचायतों को दिए हैं।
ग्रामीण विकास विभाग
हमारी पार्टी ने झारखंड में आदर्श गाँव स्थापित करने की परिकल्पना की है और इस योजना का क्रियान्वयन हमारे अथक प्रयास का ही नतीजा है। इस योजना की शुरूवात शहीद शेख भिखारी के पैतृक गांव पोटमा खुदिया, ओरमांझी से की गई है। राज्य के 100 गांवो को आदर्श ग्राम के रुप में विकसित करने का काम शुरू कराना हमारी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आदर्श ग्रामीण आवास योजना के तहत आदर्श गांवों में सुविधायुक्त उच्च गुणवता का आवास उपल्ब्ध कराना हमारी प्रथमिकता है और भविष्य में भी रहेगी। यह महसूस किया गया है कि केंद्र प्रयोजित इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों में मूलभूत सुविधाओं अभाव है। इसके अतिरिक्त कार्य क्षेत्र में शहीद सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों के प्रियजनों, विधवाओ और अतिरिक्त महिलाओं को भी इस योजना के तहत आवास अपलब्ध कराये जाने का हमारा प्रस्ताव है। हमारा मानना है की झारखंड आंदोलन में शहीद हुए लोगों के परिजनों को भी इस योजना के अंतर्गत आवास उपल्ब्ध कराया जाना है और इसके लिए हम आगे भी सदैव तत्पर रहेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए हमने राज्य में पुलों के जाल बिछाने की दिशा में भी कार्य किये हैं। विगत तीन वर्षों में लगभग 363 पुलों प निर्माण कार्य शुरू हुआ और 131 पूर्ण कर लिए गए हैं। इनमें से 205 का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 27 की निविदा प्रक्रिया शुरू है। भविष्य में भी हमारी पार्टी आवागमन की सुविधा को विशेष तरजीह देने की मंशा रखती है।
जलछाजन कार्यक्रम
जलछाजन कार्यक्रम हमारी महत्वपुर्ण उपलब्धियों में से एक है। इस कार्यक्रम को पुर्ण करने के लिए 15 वर्ष की एक रणनीति झारखंड अंतरिक्ष उपयोग केंन्द्र के द्वारा तैयार की गई है। इसके अंत्रगत वर्तमान पंचवर्षीय योजना की समाप्ति तक 55.33 लाख हेक्टेयर भूमि पर जलछाजन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा । इस कार्य में रिमोट सेंसिंग पद्धति को अपनाकर योजनाएँ तैयार की जा रही हैं एवं उपग्रह के माध्यम से क्रियानिवित योजनाओं का अनुश्रवण किया जा रहा है। योजनाओं के पुर्ण होने पर भुमिगत जलस्रोतो में सुधार होगा , कुएं एंव तलाबों में पानी संचित रहेगा, जिससे फसलों का उतपादन बढ़ेगा तथा ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका का साधन उपलब्ध होगा। आजसू पार्टी की विकासशील सोच का ही यह परिणाम है कि देश में सर्वप्रथम झारखंड में ही जलछाजन विषय पर डिप्लोमा इन वाटरशेड मैनेजमेंट पाठ्यक्रम झारखंड राज्य जलछाजन मिशन के सहयोग से इग्नू द्वारा संचालित किये जा रहे हैं। जलछाजन मिशन के तहत 776 करोड़ की लागत से 117 परियोजनाओं के माध्यम से 24 जिलों में 6,20,286 हेक्टेयर भूमि पर कार्य प्रारम्भ हुआ है।
कला, संस्कृति, खेलकूद युवा कार्य
हमारी सांस्कृतिक धरोहर हमारी सबसे कीमती विरासत है। सांस्कृतिक, संस्थाएँ, क्षेत्रिय भाषाएं एवं पर्व हमारे सांस्कृतिक मूल्यों एंव परम्पराओं के वाहक हैं। इस बात से कोई इन्कार नहीं कर सकता कि क्षेत्रिय भाषाएं राष्ट्रीय सभ्यता एवं संस्कृति के विकास में महत्वपुर्ण भुमिका अदा करती हैं। क्षेत्रिय मापदंडों के विकास शिक्षा के स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। झारखंड में बोली जाने वाली अनेकों क्षेत्रिय भाषाओं ने झारखंड की संस्कृति को अतुलनीय सुंदरता और विविधता प्रदान की है। अतः राज्य के सांस्कृतिक विकास के दृष्टिकोण से यह आवश्यक है कि क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के लिए सार्थक एंव गंभीर प्रयास किये जाएं। इसी दिशा में कदम उठाते हुए हमारी सरकार ने नौ क्षेत्रीय भाषाओं यथा- हो, कुरमाली, कुडुख, मुण्डारी, खड़िया, संथाली, पंचपरगनिया, नागपुरीया, खोरठा, उड़िया, बंगला एंव उर्दू के विकास के लिए भाषा-विशेष सांस्कृतिक एंव अनुसंधान केंन्द्र खोलने का निर्णय लिया था। राँची में निर्मित कला केन्द्र हमारी एक बड़ी उपलब्धी है। अगले वित्तीय वर्ष में ग्रमीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 गांवों में ग्राम सांस्कृतिक केन्द्र ‘अखरा’ के निर्माण का निर्णय भी लिया गया , ताकि सांस्कृतिक विरासात को अक्षुण्ण रखा जा सके। झारखंडी संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि स्वर्गीय राम दयाल मुंडा के सम्मान में राँची स्थित केन्द्र का नामकरण स्व. राम दयाल मुंडा के नाम पर किया गया है। झारखंडी संस्कृति के ऐसे महान दूतो को सम्मनित करने की दिशा में हमारे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
हमारी यह कोशिश है कि हर प्रखंड में एक आधुनिक सुविधायुक्त स्टेडियम हो। इन स्टेडियम से निकलने वाले ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए संवारने के वास्ते हमने रांची स्थित स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में सेंटर फार एक्सेलेंस एंव फिर खेल विश्वविध्यालय खोलने की योजना बनाई, जो प्रतिभावन खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में हमारी सोच का एक उदाहरण है। लगभग 100 करोड़ की लागत से 26 पुरातातिव्क अवशेषों के सृजन एंव उन्नयन त्था राँची में सोलर हेरिटेज पार्क तथा हेरिटेज गैलरी बनाने का भी प्रस्ताव हमें और दलो से अलग साबित करता है। हम न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के भी पक्षधर हैं।
वन एंव पर्यावरण
वर्त्मान में राज्य के 29.61 प्रतिशत वन से आच्छादित है, जो राष्ट्रीय औसत से 9 प्रतिसत अधिक है। राष्ट्रीय औसत 20.61 प्रतिशत है।
अपकृष्ट वनों का पुनर्वास, शीघ्र बढ़ाने वाले पौधों का रोपण, शहरी वानिकी, लघू वन पदार्थ का उन्नयन, लाह विकास योजना इत्यादि पर हमारा सदैव जोर रहा है और आगे भी जारी रहेगा। प्रकृतिक वनों की स्थापना एंव पहाड़ियों को हरियालीकरण के साथ-साथ जल संग्रहण संरचना का निर्माण में तेजी लाने की दिशा में भी हमारी पार्टी उतनी ही सजग है, जितनी अन्य योजनाओं में। ओरमाझी चिड़ियाघर में बटर फ्लाई पार्क तथ मछली घर निर्माण की योजना भी हमारी विकसित सोच का परिणाम है। चिड़ियाघर में मोनो रेल की सुविधा प्रयटकों को उपलब्ध कराने में संभावनाओं को भी हमारी पार्टी मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रयास करेगी। तो आइए आजसू पार्टी के साथ समय की मांग को पहचाने। युवाशक्ति एंव बुद्धिजीवी मंच एक हो तो वह दिन दूर नहीं, जब सत्ता आप के हाथ होगी।