CSC Ranchi Morabadi

CSC Ranchi Morabadi

Share

provided all Services

10/07/2023

Any one who want to become financial distributor and provide finance related services contact me only in Ranchi Jharkhand

12/03/2021
30/09/2020

30/09/2020

उन तंग गलियों में हाथों में हाथ डाले
जनमती पनपती मोहब्बत देखी है कभी...
उन आवारा सड़कों पर
छोटी ऊँगली पकडे चलती ये मोहब्बत...

उस समाज में जहां सपनों का कोई मोल नहीं,
ऐसे में एक दूसरे की आखों में
अपना ख्व़ाब सजाती ये मोहब्बत...
नाज़ुक सी डोर से जुड़े ये दिल,
लेकिन आस-पास के कंटीले बाड़ों से
लड़ती उनकी ये मोहब्बत...

उनके होठों पर एक कच्ची सी मुस्कान लाने के लिए
दुनिया भर से नफरत मोल लेती ये मोहब्बत...
जब लोगों ने अपने दिल में जगह न दी तो,
सड़कों किनारे बैठे
आसमां का ख्व़ाब देखती ये मोहब्बत...

थक जाएँ टहलते हुए तो,
पार्क के बेचों पर
बैठने को जगह तलाशती ये मोहब्बत...
मिलन की उम्मीद जब हताशा में बदल जाए तो
किसी तन्हा शाम में
तकिये नम करती ये मोहब्बत...

इन बंदिशों, रंजिशों से पंगे लेते हुए
दिल में मासूम एहसास
संजो कर रखती ये मोहब्बत...
जब मंजिल लगे धुंधली सी तब भी
वहाँ तक पहुँचने के
रास्ते से ही मोहब्बत करती ये मोहब्बत....

जब साथ जवान न होने दिया जाए
तो साथ बूढ़े होने को बेताब ये मोहब्बत...
साल-दर-साल की जुदाई में,
हर ख़त्म होते साल के साथ
अगले साल का इंतज़ार करती ये मोहब्बत...

न किसी महल की ख्वाईश,
न ही किसी जन्नत की
हमें मुबारक अपने आवारा सड़कों की ये मोहब्बत...

निशान्त चौहान❤

26/09/2020

25/09/2020

"मासिकधर्म, एक गौरान्वित वरदान"

बूँद बूँद टपकती धारा,
तन को ऐसे जकड़ लेती है मेरे,
जैसे मानो कोई भीतर कपड़े निचोड़ रहा हो,,

हर महीने की असहनीय पीड़ा
तीन दिन बिस्तर पर
करवट बदलती कराहटें,
बेजान पड़ा शरीर,
जैसे किसी घोर अपराध का
स्वयं ईश्वर मुझे दण्ड दे रहा हो,

जब रज:स्राव में इतनी पीड़ा
तो संतान उत्पत्ति तो जैसे
स्त्री का एक नया जन्म है,,
वैसे साफ कहूँ साहब
दर्द सहना तो हम स्त्रियों
का जैसे जन्म सिद्ध अधिकार है,

अब ऐसे देख लीजिए,
शास्त्रों ने संपूर्ण मादा जाति
को घोरश्राप से ग्रसित माना है
और उन्ही शास्त्रों के कथन का
पालन कर स्त्री को तीन दिन
घृणा की नज़रो से देखा जाता है,
तरह तरह की यातनाएं दी जाती हैं,

मंदिर में एक रजस्वला को अपवित्र मान
उसका प्रवेश वर्जित किया जाता है,
जबकि उसी रजस्वला देवी, कामाख्या
के रक्तस्त्राव में सने कपड़े को पवित्र
समझ मंदिर में प्रसाद स्वरूप रखा जाता है।

सिर्फ प्रतिमा की पूजा करना ही
क्या मानव का एकमात्र धर्म है?
वाकई ?
क्या वाकई स्त्री होना एक श्राप है ?

नए सृजन की सृष्टा को श्रापित कहकर
धिक्कारना
क्या
सम्पूर्ण सृष्टी पर सवाल उठाने
जैसा नहीं होगा ?
फिर तो धरती का हर एक जीव
श्राप का भागीदार है,
क्यूंकि पृथ्वी पर प्रत्येक प्राणी
उसी श्राप की देन है ।
और संसार की उत्पत्ति करने वाली भी
प्रकृति नामक एक स्त्री ही है,,

आस्था के नाम पर अत्याचार
करते अज्ञानियों,
अरे श्राप नहीं दिव्य वरदान है ये
जिसको प्रकृति ने ज़िम्मेदारी तहत
स्त्रियों को सौंपा है,,
दर्द भी उसी को दिया जाता है
जिसमें सहन करने की अपार
शक्ति होती है ।
और इतिहास गवाह है,
कि अनंत पीड़ा ही ,
नव निर्माण का मूल कारक है।
बात चाहे फिर
द्रौपदी के चीरहरण की हो
या भारत की आज़ादी की,

कुदरत ने माँ बनने का गौरान्वित
हुनर नवाज़ा है हम स्त्रियों को
प्रकृति द्वारा प्रदान इस प्रतिभा को
प्रतिपल प्रसारित करती रहूँगी मैं,
सशक्त नारी हूँ ,
मासिकस्राव की पीड़ा को वरदान समझ
हर महीने रक्तदान करती रहूँगी मैं
हर महीने रक्तदान करती रहूँगी मैं ॥

~झील
Wrtten by Nishant Chauhan

25/09/2020

22/09/2020
Photos from CSC Ranchi Morabadi's post 21/09/2020
Photos from CSC Ranchi Morabadi's post 21/09/2020

Want your business to be the top-listed Government Service in Ranchi?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Telephone

Address


Ranchi
834008