06/10/2026
SIR के ख़िलाफ़ 10 अक्टूबर को जंतर मंतर चलें -
AIDSO
AIDSO केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष सौरभ घोष और महासचिव शिबासिस प्रहराज ने प्रेस के लिए निम्नलिखित बयान जारी किया:
“देश आज एक अत्यंत नाजुक मोड़ पर खड़ा है। जहाँ एक ओर शासक वर्ग और सत्तारूढ़ दल आम जनता के लिए जीवन की बुनियादी ज़रूरतों को लगातार दुर्लभ बनाते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे नागरिको के लोकतांत्रिक अधिकारों का भी लगातार दमन कर रहे हैं।
यहाँ तक कि मताधिकार—जिसे पूँजीवादी व्यवस्था और उसके राजनीतिक पैरोकार लंबे समय से लोकतंत्र की एकमात्र अभिव्यक्ति के रूप में पेश करते आए हैं—आज वह भी हमले की ज़द में है। वर्तमान निरंकुश शासन इस कदर तानाशाह हो चुका है कि वह इस सीमित लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा करने में भी सर्वथा असमर्थ सिद्ध हो रहा है। जिस संवैधानिक संस्था को जनता के मताधिकार की रक्षा का उत्तरदायित्व सौंपा गया था, वह स्वयं अपने क्रियाकलापों में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने में बुरी तरह विफल रही है।
एसआईआर (SIR) की दमनकारी प्रक्रिया और नरेंद्र मोदी व अमित शाह के संरक्षण में केंद्रीय चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की भूमिका के खिलाफ आज देशभर में आक्रोश की लहर दौड़ रही है और विरोध-प्रदर्शन तीव्र होते जा रहे हैं। लगभग 13 करोड़ लोगों—जिनमें से अधिकांश अल्पसंख्यक और वंचित समुदायों के हैं—को मताधिकार से बेदखल किए जाने के विरोध में देश के साहसी युवाओं ने एक राष्ट्रव्यापी संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है।
यह महज़ सत्ता परिवर्तन या अधिकारियों को बदलने की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह उस संपूर्ण व्यवस्था के विरुद्ध एक व्यापक संघर्ष है जो जन-कल्याण और उनके अधिकारों को ताक पर रखकर कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है। इसलिए इस आंदोलन का एक ऐतिहासिक महत्व है।
इस जन-संघर्ष को और अधिक धार देने के लिए, एआईडीएसओ (AIDSO) की केंद्रीय परिषद 3 से 15 अक्टूबर तक "एसआईआर के तहत- कोई वोट नहीं" और "ज्ञानेश कुमार के तहत- कोई वोट नहीं" के नारों के साथ-साथ छात्रों व लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ी अन्य प्रमुख मांगों को लेकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रही है।
इसी क्रम में, विभिन्न लोकतांत्रिक संगठनों द्वारा 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक विशाल जन-आंदोलन का आह्वान किया गया है। इस व्यापक संघर्ष में, एआईडीएसओ देश के तमाम लोकतंत्र-प्रेमी नागरिकों से यह अपील करता है कि वे इसमें सक्रिय रूप से भाग लें और समाज के हर वर्ग के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस लड़ाई को और अधिक सशक्त बनाएँ।”
जारीकर्ता:
प्रशांत कुमार
कार्यालय सचिव
AIDSO, केंद्रीय परिषद