29/12/2025
कांग्रेस के स्थापना दिवस पर जानें वाकई कांग्रेस क्या है और उसने क्या किया
28 दिसंबर 1885 को कांग्रेस पार्टी की स्थापना ऐसे समय में की गई जब चारों तरफ निराशा का माहौल था।
महात्मा गांधी जनवरी 1915 में जब भारत आए तब 1857 का महान विद्रोह को कुचला जा चुका था। किसान आंदोलन, क्रांतिकारी आंदोलन, आदिवासी विद्रोह को भी अंग्रेजों ने कुचल दिया था। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व में शुरू हुए बंग भंग के महान आंदोलन से पैदा हुई स्वराज्य प्राप्ति की ज्वाला मध्धम पढ़ चुकी थी।
महात्मा गांधी ने भारत की जनता को पहला संदेश दिया: डरो मत। गांधी जी ने भारत की जनता के बिखराव को समाप्त किया। उन्होंने उत्तर दक्षिण, हिंदू-मुस्लिम, अगड़े -पिछड़े -दलित, स्त्री-पुरुष सब का भेद खत्म कर भारतीय राष्ट्र की आत्मा को जगाया। महात्मा गांधी ने पहली बार भारत की जनता को ब्रिटिश गुलामी के वास्तविक षड्यंत्र से अवगत कराया और वह रास्ता दिखाया जिस पर चलकर आजादी प्राप्त की जा सकती थी।
महात्मा गांधी के नेतृत्व में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बताया की 1.25 लाख अंग्रेज 30 करोड़ भारतवासियों पर इसलिए राज करते हैं क्योंकि वह भारत की जनता का सहयोग हासिल कर चुके हैं, अगर भारत के 30 करोड लोग 1.25 लाख अंग्रेजों का सहयोग बंद कर दें तो अंग्रेज भारत पर 1 दिन भी शासन नहीं कर सकते।
अंग्रेजी शिक्षा, अंग्रेजी नौकरियां, अंग्रेजी अदालत, अंग्रेजी कपड़े और अंग्रेज सरकार को दिए जा रहे टैक्स को अगर भारत की जनता बंद कर दे तो आजादी दूर नहीं है।अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में हुए असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में महात्मा गांधी ने भारत की जनता को इसी काम के लिए प्रेरित किया।
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि आजादी का मतलब सत्ता परिवर्तन मात्र नहीं है भारत के हर व्यक्ति की मानसिक, आर्थिक और सामाजिक आजादी का मतलब ही संपूर्ण आजादी है।
आजादी मिलने के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस महान राष्ट्र में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत की। हर धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के लोगों को भारतीयता की भावना से ओतप्रोत किया।
पंडित नेहरू ने बांध बनाकर कृषि, जमीदारी खत्म करके किसान, संविधान में आरक्षण का प्रावधान करके वंचित वर्ग, विश्व स्तरीय शिक्षा संस्थान बनाकर युवा और स्वायत्त संस्थान बनाकर लोकतंत्र की जड़ें मजबूत की।
कांग्रेस पार्टी की सरकारों ने देश की सरहद को मजबूत करने के लिए देश में आयुध कारखानों का निर्माण किया, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को नया स्वरूप दिया, लोकतांत्रिक मजबूती के लिए स्वतंत्र निर्वाचन आयोग बनाया गया, न्याय में छोटे और बड़े का भेद खत्म करने के लिए न्यायपालिका को पूरी तरह से सरकार से अलग रखा।
श्री लाल बहादुर शास्त्री और श्रीमती इंदिरा गांधी की सरकारों ने हमारे दुश्मन देशों को सरहद पर सबक सिखाया। श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने जो अदम्य साहस दिखाया उससे बांग्लादेश के रूप में एक नए देश का उदय हुआ। भारत परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बना।
श्री राजीव गांधी ने पंचायती राज और कंप्यूटर क्रांति के जरिए एक साथ ही गांव और शहर के लिए 21वीं सदी के दरवाजे खोले। श्री राजीव गांधी की सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया।
श्री नरसिंह राव और श्री मनमोहन सिंह की कांग्रेसी सरकारों ने देश में उदारीकरण शुरू कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए। सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, वन अधिकार कानून, महात्मा गांधी नरेगा, किसानों की कर्ज माफी जैसी पहल कर कांग्रेस पार्टी ने भारत की आम जनता को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाया।