14/08/2026
किसने खींची ये लकीरें?
किसने लहू की नदियां बहाई?
कल तक था जो आंगन हमारा, किसने वहां सरहद बनाई?
#विभाजन_विभीषिका_स्मृति_दिवस हमारे देश के इतिहास का एक न भूल पाया जा सकने वाला काला दिवस है। यह दिवस उन सभी बलिदानियों और विस्थापितों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने उसमें अपना घर, परिजन, पहचान और भविष्य तक खो दिया।
हिंसा, उन्माद और नृशंसता की भेंट चढ़, अपने मान-सम्मान और प्राण की आहुति देने वाली प्रत्येक पुण्यात्मा को शत्-शत् नमन 🙏🙏