Shivam Singh

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Entertainment Only

18/03/2026

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ |निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ||

सुखकर्ता दुखहर्ता गणपति महाराज, सबके जीवन से दुख हरें !🙏🌺

18/03/2026

हे ईश्वर!!😔😔👇👇
लखनऊ के चौक में इंसानियत शर्मसार… 😔
राजधानी लखनऊ के चौक ....see more

07/02/2026

एपस्टीन की नई फाइलों में दावा किया गया है कि यौन संबंधों के दौरान महिलाओं का गला घोंटा गया था

◆ जिससे उनकी मृत्यु हो गई और शवों को फार्म हाउस में दफनाया गया था

◆ फाइलों में यह भी दावा किया गया है कि महिलाओं को जबरन प्रेग्नेंट कराया गया








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05/02/2026

“नहीं नहीं, पहले आपलोग अपना कर लीजिए, फिर हम कथा गायेंगे। हमहूं आज बैठेंगे आराम से, कर लीजिए जो करना है, करिए। 8 दिन से हमहूं बर्दाश्त कर रहे हैं। औरी खड़ा होके बतिया लीं सभे। पूरा टाइम बा 3 घंटा के। करिं बात सभे खड़ा होके।”

ये बातें कथावाचक राजन जी महाराज ने गोरखपुर में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन मंच से कहीं। रोज़ की तरह कथा की शुरुआत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद राजन जी महाराज ने भजन “जेहि बिधि होइ नाथ हित मोरा, करहु सो बेगि दास मैं तोरा” गाना शुरू किया।
कथा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद आयोजकों में से कुछ लोग मंच के सामने खड़े होकर आपस में बातचीत करने लगे। यह देखकर राजन जी महाराज कुछ देर के लिए रुके और फिर मंच से बोले- “आपलोग बात कर लीजिए। हम है यहीं पर। 8 दिन से बर्दाश्त कर रहे हम भी।” उनके इतना बोलने पर लोग अपनी एक जगह पर बैठे, इसके बाद कथा शुरू हुई।
इससे पहले 29 जनवरी को कथा के तीसरे दिन मंच पर चढ़ने को लेकर आयोजकों और राजन महाराज की टीम के बीच नोंकझोंक हुई थी। विवाद बढ़ने पर आयोजकों की ओर से राजन जी की टीम को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

इस घटना के बाद इतना तो साफ है कि राजन महाराज और आयोजनों के एक पक्ष के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा। खबर ये भी है कि- 29 की घटना के बाद से राजन की काफी नाराज हुए थे, और कथा को छोड़कर जाने का मन बना लिए थे। जनप्रतिनिधि और लोगों के मनाने के बाद वो कथा को आगे बढ़ाने का मन बनाए। वो उसी दिन से कथा के बाद विश्राम के लिए गोरखपुर में नहीं रुक रहे।

04/02/2026

पूरी खबर कमेंट बॉक्स में...

26/01/2026

इंसान नहीं बोलता,उसके दिन बोलते है.
और जब दिन बोलते है तो बहरे भी सुनते है !!🙏
-अज्ञात

23/01/2026

25 वर्ष बाद जेल से छूटा निर्दोष आज़ाद, ₹7000 के जुर्माने ने रोकी थी रिहाई

​यूपी के बरेली जेल के लोहे के भारी दरवाजों से बाहर निकला आज़ाद खान आज़ाद तो है, लेकिन उसकी आँखों में छलकते आँसू और चेहरे की झुर्रियां देश के न्यायिक और पुलिसिया तंत्र पर गहरे सवालिया निशान लगा रही हैं। नाम 'आज़ाद' होने के बावजूद उसने अपनी ज़िंदगी के बेशकीमती 25 साल उन चारदीवारों के पीछे गुज़ार दिए, जहाँ उसे होना ही नहीं चाहिए था।
​सन् 2000 की वो काली रात और सिस्टम का चक्रव्यूह
​कहानी की शुरुआत साल 2000 में हुई एक डकैती से होती है। साल 2001 में पुलिस ने मैनपुरी के रहने वाले एक गरीब मजदूर, आज़ाद खान को गिरफ्तार किया। बिना किसी पुख्ता सबूत या ठोस गवाह के, निचली अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुना दी। एक गरीब इंसान जिसके पास न रसूख था और न ही महंगे वकीलों की फौज, वह सिस्टम के पहियों के नीचे कुचल दिया गया।
​हाईकोर्ट की फटकार: पुलिस नहीं दे पाई कोई सबूत
​दिसंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए पुलिस की जांच की धज्जियाँ उड़ा दीं। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस आज़ाद के खिलाफ डकैती का आरोप साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही। उसे ससम्मान बरी कर दिया गया। लेकिन त्रासदी यहाँ खत्म नहीं हुई।
​₹7,000 की कीमत: जब सिस्टम 'अंधा' और 'बहरा' हो गया
​हाईकोर्ट से बरी होने के बाद भी आज़ाद को जेल की कोठरी में रहना पड़ा। जेल प्रशासन का तर्क था कि उन्हें कोर्ट का आदेश नहीं मिला। साथ ही, एक अन्य मामले में लगा ₹7,000 का जुर्माना अदा न होने के कारण उसे एक साल और जेल में रहने की सजा सुनाई गई।
​"एक परिवार जो दाने-दाने को मोहताज हो, उसके लिए 7 हजार की रकम 7 लाख के बराबर थी।"
​जब मामला मीडिया और सामाजिक गलियारों में पहुँचा, तब जाकर प्रशासन सक्रिय हुआ। सोशल मीडिया और मीडिया के दबाव के बाद ई-मेल के जरिए आनन-फानन में कागजी कार्रवाई पूरी की गई।
​सामाजिक संस्था बनी मसीहा
​इंसानियत अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। 'छोटी सी आशा' संस्था की पारुल मलिक और रूपाली गुप्ता ने जब आज़ाद की व्यथा सुनी, तो उन्होंने ₹7,000 का जुर्माना भरकर उसकी रिहाई का रास्ता साफ किया। अंततः 25 साल बाद एक बेगुनाह बाहर आया, लेकिन तब तक उसका परिवार बिखर चुका था और उसकी जवानी जेल की कालकोठरी निगल चुकी थी।
​सिस्टम से तीखे सवाल:
​आज़ाद खान की रिहाई ने भारत की पुलिसिंग और न्याय व्यवस्था के सामने कुछ कड़वे सवाल खड़े कर दिए हैं:
​जवाबदेही किसकी? उस पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं, जिसने झूठी कहानी गढ़ी?
​मुआवजा क्या? क्या कोई सरकार या अदालत एक बेगुनाह के छीने गए 25 साल वापस कर सकती है?
​डिजिटल इंडिया कहाँ है? जब ई-मेल से मिनटों में आदेश पहुँच सकते हैं, तो एक बेगुनाह की रिहाई की फाइल हफ्तों तक क्यों दबी रही?

23/01/2026

दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां ट्रैफिक सिग्नल पर गुलाब बेचने वाली एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची को अगवा कर जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी ई-रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर लिया है.

यह खौफनाक वारदात 11 जनवरी की है. पीड़ित बच्ची प्रसाद नगर इलाके में एक रेड लाइट पर गुलाब बेच रही थी. पुलिस के अनुसार, करीब 40 वर्षीय आरोपी दुर्गेश ने यात्रियों को छोड़ने के बाद अपना ई-रिक्शा बच्ची के पास रोका. जब बच्ची फूल बेचने उसके पास आई, तो आरोपी ने उसे झांसा दिया कि वह उसके सारे गुलाब बिकवा देगा. मासूम उसकी बातों में आ गई और रिक्शा में बैठ गई.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आरोपी बच्ची को प्रोफेसर रामनाथ विज मार्ग के पास स्थित सुनसान जंगल में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ बलात्कार किया. वारदात के बाद बच्ची अचेत हो गई और खून से लथपथ हालत में वहीं पड़ी रही. पुलिस ने बताया कि आरोपी उसे मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गया. होश में आने के बाद बच्ची किसी तरह अपने घर पहुंची, जिसके बाद बदहवास परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी.

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23/01/2026

लो जी... गनर लेकर चलने वालों पर पुलिस का 88 लाख रुपये से अधिक कर्जा है। व्यापारी से लेकर नेता जी तक बकाये की सूची में हैं। अब इनसे वसूली की तैयारी है। सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही अब गनर की आवश्यकता भी देखी जा रही है। 🥰🤣

20/01/2026

#वाहन चालकों के लिए नई परेशानी:
#टोल प्लाजा से निकलते ही #मोबाइल पर मिल रहा ई-चालान का मैसेज
#टोल प्लाजा में फास्टैग स्कैन करते ही वाहनों के बीमा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, फिटनेस की हो रही है जांच। वाहनों की जांच करने परिवहन विभाग ने टोल प्लाजा पर लगाया ई-डिटेक्शन सिस्टम।

टोल प्लाजा से निकलते ही वाहनों का कट रहा ई-चालान

महेंद्र #विश्वकर्मा- जगदलपुर। अब वाहन के #दस्तावेज जैसे कि इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस में कोई भी कमी पाई जाती है तो टोल प्लाजा से #निकलते ही चालान कट रहा है। सरकार ने हाईटेक #आटोमेटेड सिस्टम लागू किया है, जो फास्टैग स्कैन करते ही वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटली चेक करता है।

बताया जा रहा है कि, #केन्द्र सरकार ने वाहनों के बीमा, #पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (पीयूसी) एवं #फिटनेस की अवधि समाप्त होने की जांच करने के लिए टोल प्लाजा पर ही ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाने का कार्य शुरू किया है। पहले चरण में हाईवे के टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। इसके बाद स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर इस सिस्टम लगाने का कार्य शुरू किया गया है। इस तंत्र को सीधे परिवहन विभाग के सर्वर से जोड़ दिया गया है। अब राजमार्ग पर तो वाहन को कोई नहीं रोकेगा लेकिन गाड़ी का बीमा खत्म है, पीयूसी नहीं है या फिटनेस फेल है तो टोल से गुजरते ही वाहन का चालान अपने आप कटेगा और मोबाइल पर संदेश आ रहा है। इसकी जानकारी परिवहन विभाग रायपुर के सहायक आयुक्त सीएल देवांगन ने दी है।

ग्रामीण क्षेत्र में भी लगे कैमरेबताया जा रहा है कि, परिवहन विभाग के मुख्यालय की ओर से बस्तर जिले में लगभग आधा दर्जन कै मरे ग्रामीण क्षेत्र में भी लगाए गए और परिवहन विभाग से जोड़ा गया। उस रोड में आने-जाने वाले वाहनों को डिटेक्शन कर रहे हैं। विभाग के उड़नदस्ता प्रभारी निरीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि वाहनों की जांच के लिए बोरपदर, राजनगर, छेपड़ागुड़ा एवं बकावंड में कै मरे लगाए हैं, जो मुख्यालय से जुड़े हैं।

कागजात वैध, फिर भी कटा ई-चालानबताया जा रहा है कि, वाहन के सभी दस्तावेजों जैसे प्रदूषण, बीमा और फिटनेस के टोल प्लाजा पर लगे कैमरे अब इन्हें चेक कर रहे हैं, वाहनों के सभी कागजात वैध होने के बावजूद टोल प्लाजा से मोबाइल में ई-चालान कटने का मैसेज भेज रहे हैं। बस्तर के टोल प्लाजा से वाहन मालिकों को गलत ई-चालान मिलने की शिकायतें आ रही हैं, जिसमें 10 मालिकों ने जगदलपुर आरटीओ में शिकायत दर्ज कराई है। वाहनों के सभी कागजात वैद्य होने के बावजूद ई-चालान कटे हैं, जिससे वाहन मालिकों में असंतोष है।

शिकायतों को भेजा मुख्यालयसंयुक्त कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे ने बताया कि वाहन मालिकों द्वारा दिए गए शिकायतों को परिवहन विभाग के मुख्यालय भेज दिया गया है। इसका निराकरण मुख्यालय से ही होगा।

19/01/2026

मातृभूमि के गौरव और आत्मसम्मान की रक्षा हेतु प्राणों को उत्सर्ग कर देने वाले, वीरता व राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक, महान योद्धा, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

आपकी वीरता और शौर्य की अमर गाथा युगों-युगों तक मातृभूमि के कण-कण को गौरवान्वित करती रहेंगी। वीर शिरोमणि के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम!

19/01/2026

▶️उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार परिवार कहा जाने वाला मुलायम सिंह यादव के परिवार में हलचल मची हुई है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और भाजपा नेता अपर्णा यादव के वैवाहिक जीवन में दरार आ गई है।

▶️अपर्णा और उनके पति प्रतीक यादव के बीच रिश्ते अब तलाक की दहलीज तक पहुंच चुके हैं। प्रतीक यादव ने अपर्णा पर परिवार तोड़ने समेत कई आरोप लगाते हुए अलग होने का ऐलान कर दिया है।

▶️सोमवार की सुबह प्रतीक ने अपर्णा यादव से जल्द ही तलाक लेने की घोषणा भी इंटाग्राम पर कर दी। अपर्णा यादव की फोटो के साथ प्रतीक ने उन्हें स्वार्थी (Selfish) और परिवार को तोड़ने वाली (Family Destroyer) भी लिखा है।

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