02/09/2020
रोहतक अपडेट
राइट टू रिकॉल पर भूपेंद्र हुड्डा का बयान।
‘राइट टू रिकॉल’ पहले विधायकों और सांसदों पर लागू किया जाए।
अगर इसे सिर्फ सरपंचों पर लागू किया जाएगा तो इसका गांवों के भाईचारे पर बुरा असर पड़ेगा।
सरपंच चुनावों में होने वाली रंजिशों में बढ़ोत्तरी होगी।
लेकिन अगर ये सरकार ‘राइट टू रिकॉल’ की इतनी ही हिमायती है तो इसे पहले विधायकों पर लागू करे।
क्योंकि इस सरकार का भी 1 साल पूरा होने वाला है।
अगर ऐसा होता है तो इस सरकार का कार्यकाल एक ही साल में पूरा हो जाएगा और जनता इसके विधायकों के ख़िलाफ़ सबसे पहले इसका इस्तेमाल करेगी।

01/09/2020
01/09/2020
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