हमारी समझ के अनुसार ये दो मुद्दे हरियाणा चुनाव के सब से बड़े मुद्दे हैं और इन मुद्दों के आधार पर ही वोट डालना चाहिए। आपकी क्या राय है? कॉमेंट में जरूर बताएं।
भारतीय किसान नौजवान यूनियन Bhartiya Kisan Naujawan Union
भारतीय किसान नौजवान यूनियन ईमानदारी व निडरता के साथ किसान हितों की रक्षा के लिए कार्यरत है।
क्या राहुल गांधी जी 22 जुलाई को किसानों के सम्मेलन में आएंगे? किसानों ने भाजपा के सांसदों को मांगपत्र क्यों नहीं दिया? 22 जुलाई को दिल्ली में किसान सम्मेलन क्यों किया जा रहा है?
MSP बढ़ोतरी पर सरकारी दावों की सच्चाई जानिए।
पत्रकार महोदय ने कहा कि भाजपा को सबक सिखाने में किसान आंदोलन का कोई रोल नहीं है, ये तो सब विपक्ष की बेहतर रणनीति के कारण हुआ है, अब इस बात पर हमारा जवाब जरूर सुनियेगा, आप अपनी राय भी जरूर बताइएगा।
19/06/2024
सफलता का कोई शार्ट कट नहीं होता, त्याग व समर्पण की भावना के साथ लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है। आज शम्भू मोर्चे पर आगे की रणनीति पर गुफ्तगू करते हुए।
पत्रकार साथी ने पूछा कि हमारी फंडिंग कहाँ से होती है? कहाँ से गाड़ी में तेल डलता है? पूरा सच तथ्यों के साथ जान लीजिए।
किसानों का हाथ, डंडा और झण्डा अब किसी पार्टी या राजनेता के साथ नहीं बल्कि अपने मुद्दों के साथ है, आज खेती-किसानी ऐसा चुनावी मुद्दा बन गया है जिसे राजनीतिक पार्टियां नजरअंदाज नहीं कर सकती।
"ले राम का नाम" और "जय श्री राम" नारों का मुख्य अंतर समझ लीजिए और पाखण्डवाद से दूर रहिए। असल मायनों में धर्म का पाखंड से कोई लेना-देना नहीं है, परमात्मा-प्रकृति ने धर्म बनाया है व कुछ स्वार्थी लोगों ने पाखंड बनाया है।
भारत के हिस्से का जो पानी पाकिस्तान जा रहा है, उसे रोकने के लिए भाजपा के नेताओं ने 2019 में बांध बनाने की बात कही थी, क्या वो बांध बन पाए? SYL के नाम पर पंजाब-हरियाणा के किसानों को लड़ाने की सरकारी साजिश सफल नहीं हो पाएगी।
29/09/2023
1987 में विश्व खाद्य पुरस्कार के तौर पर मिली सम्मानित राशि से कृषि क्षेत्र में रिसर्च के लिए डॉ एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना करने वाले डॉ स्वामीनाथन जी को कृषि क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। 2007 में उनके नेतृत्व में कृषि आयोग ने C2+50% फॉर्मूले के अनुसार फसलों के भाव किसानों को देने की पैरवी करी थी लेकिन 16 साल बीत जाने के बावजूद किसी सरकार ने आज तक उस रिपोर्ट को लागू नहीं किया। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा, परमात्मा/प्रकृति उनकी आत्मा को शांति दे🙏
27/09/2023
हर 1-2 महीने में जिला स्तर पर किसान यूनियन के पदाधिकारियों एवम प्रशासन के ज़िम्मेदार अधिकारियों जैसे डीसी, एडीसी, डीआरओ, डीडीए आदि की बैठक जरूर होनी चाहिए, ऐसी बैठकों में किसानों की अनेकों समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो जाता है एवम किसान अनेकों परेशानियों से बच जाते हैं। हाल ही में हमारी डीआरओ सोनीपत से मीटिंग हुई एवम कई किसानों के खेवट, रजिस्टरी, मुआवजे सम्बन्धी मसलों का मौके पर ही समाधान की शुरुआत हो गई। ऐसी मीटिंगों के लिए जरूरी है कि हर जिले में गाँव स्तर पर यूनियन मजबूत होनी चाहिए जिस से प्रशासन पर भी अनिवार्य दबाव बना रहे और इसी कड़ी में हर जिला मुख्यालय पर 3-4 महीने में एक बार बड़ी पंचायत भी होनी चाहिए।
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Sonipat
