28/09/2018
आज दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय मुरथल में विभिन्न विभागों के छात्र - छात्राओं ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र अंकुश ढाका ने शहीद भगत सिंह की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार से भगत सिंह अपने बाल्यकाल से ही अपने देश के प्रति समर्पित भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते थे। एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि भगत सिंह महज सात वर्ष की आयु में अपने खेत मे हथियार छुपा रहे थे, तब उनके चाचा की नज़र उन पर पड़ी और अनायास ही पूछ बैठे, " भगत सिंह ये तुम क्या कर रहे हो ? " तब भगत सिंह ने बड़ी मासूमियत से जवाब देते हुए कहा कि चाचा में हथियार बो रहा हूँ। कल को यही हथियार दो गुने - चार गुने होंगें और अपने देश के दुश्मनों को ढेर करूँगा। उनके चाचा ये बात सुनकर आश्चर्यचकित हुए और यही वाकिया उनकी बाल्यकाल से ही देशभक्ति को दर्शाता है। जलियांवाला बाग की बर्बरतापूर्ण घटना ने भगत सिंह को अंदर से झकझोर के रख दिया था। नम आंखों से भगत सिंह ने संकल्प लिया की जनरल डायर को उसके इन निहत्थे लोगों पर किये गए अत्याचारों का मुहतोड़ जवाब दूंगा। भगत से बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर असेम्बली में बम फेंके और अपने संकल्प को पूरा करते हुए जनरल डायर को उसी की सरजमीं पर ढेर किया। वहां उपस्तिथ अभय दहिया, मोंटी अंतिल , नैंसी ने छात्र छात्राओं से आह्वान किया कि आज के समय मे भगत सिंह की नीतियों का अनुसरण करते हुए देश को गुलाम बना के देश को खंडित करने वाली ताक़तों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। इस अवसर पर प्रवीण घनघस, सचिन हुड्डा, राहुल दहिया, विकास धायल, मोहित राणा, आशीष खत्री, विनोद, शक्ति सिंह, अंकुश डागर, परविंदर, नवनीत देशवाल, अंदीप सांगवान, शुभम गुलिया, दीपक यादव, मोहम्मद शाहजहां, कनिष्क, कुलदीप राव, नीतीश मलिक, साहिल दहिया, संजय भोरिया, मोहित, प्रवेश, ज्योति खत्री, स्नेहा, स्वीटी बूरा, पूजा चहल, नीतू कुंडू, लिशा सांगवान, चैरी, अवंतिका, अनामिका, प्रीति चहल, जैस्मिना आदि प्रमुख रूप से उपस्तिथ रहे।

21/09/2018
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