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28/02/2026

सर सी.वी. रमन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले एशियाई और भारतीय थे।

वर्ष 1921 सीवी रमन एक जलपोत से इंग्लैंड से भारत लौट रहे थे।

भूमध्य सागर के शांत नीले पानी को देखते हुए उनके मन में एक जिज्ञासा जाएगी कि आखिर समुद्र का रंग नीला ही क्यों होता है?

उसे समय के महान वैज्ञानिक लॉर्ड रेले का मानना था की समुद्र का नीला रंग आकाश के परावर्तन के कारण होता है लेकिन रमन इस उत्तर से संतुष्ट नहीं थे ।

उनके पास कोई आधुनिक उपकरण नहीं थे लेकिन उनकी जिज्ञासा तीव्र थी उन्होंने जहाज पर ही एक छोटे से #प्रिज्म और #स्पेक्ट्रोस्कोपी की मदद से प्रयोग शुरू किया और यह साबित कर दिया कि समुद्र का नीला रंग आकाश की वजह से नहीं बल्कि पानी के नो द्वारा प्रकाश के #प्रकीर्णन के कारण होता है।

भारत लौटकर उन्होंने कोलकाता में "इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन आफ साइंस" में अपना शोध जारी रखा।

आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस रमन प्रभाव के लिए उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान मिला उसकी खोज उन्होंने मात्र ₹200 के साधारण उपकरणों की मदद से की थी।

27/02/2026

I got over 50 reactions on my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

27/02/2026

If Your does not Rage
It is water that flows in your vein.

27/02/2026

21/02/2026

20/02/2026

Guess the time when this pic clicked!

18/02/2026

रमज़ान मुबारक हो!

रहमत, मग़फ़िरत और बरकतों की इस महीने में अल्लाह त'आला हम सबको इबादत, सब्र और नेकियों की तौफ़ीक अता फरमाए।

16/02/2026

14/02/2026

महत्वपूर्ण सूचना | NMMSS 2025-26 राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), बिहार, पटना द्वारा राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) परीक्षा 2025-26 से संबंधित आवेदन की अंतिम तिथि 20.02.2026 तक विस्तारित*
*कक्षा VIII के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए यह सुनहरा अवसर है। समय सीमा का ध्यान रखें और सभी प्रक्रियाएँ निर्धारित तिथि तक पूर्ण करें👇👇👇

14/02/2026



10/02/2026

डरो
[विष्णु खरे]

कहो तो डरो कि हाय यह क्यों कह दिया
न कहो तो डरो कि पूछेंगे चुप क्यों हो

सुनो तो डरो कि अपना कान क्यों दिया
न सुनो तो डरो कि सुनना लाज़िमी तो नहीं था

देखो तो डरो कि एक दिन तुम पर भी यह न हो
न देखो तो डरो कि गवाही में बयान क्या दोगे

सोचो तो डरो कि वह चेहरे पर न झलक आया हो
न सोचो तो डरो कि सोचने को कुछ दे न दें

पढ़ो तो डरो कि पीछे से झाँकने वाला कौन है
न पढ़ो तो डरो कि तलाशेंगे क्या पढ़ते हो

लिखो तो डरो कि उसके कई मतलब लग सकते हैं
न लिखो तो डरो कि नई इबारत सिखाई जाएगी

डरो तो डरो कि कहेंगे डर किस बात का है
न डरो तो डरो कि हुकुम होगा कि डर.....।

31/01/2026

“जानना काफी नहीं, लागू करना ज़रूरी है।”

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