03/11/2020
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02/09/2019
।।दिल छु लेगी ये Story ऐक बार जरूर पडें।।
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आज बहुत दिनो बाद पुरानी इंग्लिश की वो Notebook खोली तो वो गुज़रा हुआ लम्हा आंखो मे फिर से उतर आया .और पुरी शरीर काँप सी गयी और आंखो से अश्क टपकने लगे ....
बात 11वीं के बाद 12वीं की है ....school की पहली क्लास थी मै काफ़ी दूर से cycle से school जाता था । ..
Class मे enter करते ही मेरे friends चिल्लाये अबे तेरी चैन खुली है ! मै क्या करता झटके से ध्यान किया ...
फिर उन्होने दुबारा से बोला अबे यार bag की chain......
फिर पुरी class हँसने लगी ...........और कोई मुस्करा रहा था तो वो थी आयशा.... मैने जैसे ही उसकी तरफ़ देखा वो भी मुस्कराना बंद कर दी......
कुछ दिन ऐसे ही class चलती रही .............कुछ अलग था तो ये की वो जब मेरे तरफ देखती... तो मै नज़रे झुका लेता
और कभी मै उसे देखता तो वो हल्का सा मुस्करा देती थी .lllll और उसकी वो smile जिन्दगी के हर खुशी से किमती थी II
Class के छुट्टी के बाद घर जाते time मै उसे बिना देखे जाता ही नही था.... वो तिराहे से अपने घर की तरफ़ मुड़ जाती थी...
मेरी आदत थी हिंदी लिखने के बाद ऊपर से लाइन नही खिचता था III उस दिन हिंदी के टीचर से Notebook चेक कराने गया तो Sir बोले की लाइन क्यूँ नी मारे...
मै बोला Sir Line मारना जरुरी होता है क्या ??????????? Sir बोले हाँ ...... class हँसने लगी और कोई सबसे ज्यादा हँस रही थी तो वो थी आयशा ......
उसको हँसता देख मुझको अलग ही खुशी मिलती थी ...मै उसको देखता ही रहता था और किसी न किसी बहाने उसे हँसाता रहता था....
पर उससे कभी कुछ कहने की हिम्मत नही हुई l l
पुरी class को लगता था की हम दोनो एक दूसरे को प्यार करते है......,अब शायद उसे भी लगने लगा था की मै उसे बहुत चाहता हूँ ....
एक दिन वो school नही आयी थी....
तो अगले दिन वो मेरे से First time मुझसे... कुछ माँगी और बोली की मुझे.... अपनी English ki notebook देदो!
मैने कहा ठीक है interval के बाद ले लेना
फिर मैने interval के time english के notebook के index page पे लिखा ...
आयशा तुम मेरी जिन्दगी हो ...
I LOVE YOU ....
जन्नत सी होगी मेरी जिन्दगी आयशा !!!अगर तुम्हारा साथ होगा........
और मैने उसे interval के बाद दे दिया ......मैने उस दिन की last क्लास मे उसे देखा पर वो मेरे तरफ़ ध्यान नही दी ....
फिर उस दिन school की छुट्टी के बाद हर रोज की तरह उसे देखने के लिये मैं तिराहे पे wait कर रहा था, मेरे friends भी साथ मे थे ....वो cycle से आयी और मुझे देखके मुस्करायी और बोली कि तुम्हारी Notebook मेरे Desk के Drawer में है.... और जाने लगी ...मेरे friends बोले की वो तेरे को प्यार करती होगी तो तेरे बुलाने पे पीछे मुड़कर देखेगी
मैने भी आयशा आवाज़ लगा दी ....उसने मुझे पीछे मुड़के देखना चाहा और उसके cycle की handle मुड़ गयी....
सामने से आ रहा ट्रक उसकी cycle से
टकरा गया, उसको और उसकी cycle को रौंदता हुआ चला गया ...........और मैं कुछ न कर सका इतना भी वक्त नहीं मिला कि उसे Hospital लेके जाऊँ ..... उसकी साँसे हमेशा के लिए थम गईं....... और मैं रोता ही रह गया....
उसके बाद कई दिनो तक मैं school नही गया ..सब दोस्तो के कहने पे बहुत हिम्मत करके school गया...
तो हर बार उसकी bench पे ही नज़र जा रही थी ...
Interval हुआ सभी बाहर चले गये तो मै उसकी bench पे गया और बैठा उसकी bench की drawer मे देखा तो मेरी English की notebook पड़ी थी और उसपे लिखा था ....
हाँ मैं तुम्हारी जिन्दगी हूँ....
LOVE YOU Toooo.......
इतना पढ़ते ही मेरी आंखो आँसू आ गए..... काश मैं उस दिन उसको आवाज नहीं लगायी होती तो
आज वो सच में मेरी जिदंगी नहीं...
मेरी जिंदगी में होती.....
..
आंसू सुख गये हो जैसे सिसकियॉं नही आती
तु नही है तो हमे हिचकियॉं नही आती
लिखने को लिख रखी है तेरे नाम कि कई चिट्ठियॉं
पर तु जहा है वहा चिट्ठियॉं नही आती..
......... ......... ...... ......... ......... ..
दोस्तों केसी लगी मेरी ये कहानी
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वैसे में बता दू की इस ग्रुप में मेरा आज पहला दिन है
में आगे भी आप सभी के लिए ऐसी ही कहानी ग्रुप में पोस्ट करता रहूँगा
16/12/2018
हमारी पोस्ट अच्छी लग रही है दोस्तो❤
या नमक मिर्ची की मात्रा और बढाऊ🌶
28/11/2017
तुम अपने बच्चो को बस उर्दु सिखा देना
वो खुद ही जान जायेंगे तहजीब किसको कहते हैं
23/11/2017
पैसा कमान नहीं जानते तो अपना हाथ फैला दिया
ऐसे कुछ लोगो ने दुल्हे को बिकाऊ बना दिया !
एक भिखारी और तुम में क्या फर्क रह गया
अपने आप तुमने अपनी इज्ज़त को मिटा दिया !
रिश्ते दिल से जुड़ते हैं,
पैसे से नहीं ...
दहेज़ एक दानव है !
दहेज़ एक अभिशाप है !
दुल्हन ही दहेज़ है !
दहेज़ नारी का अपमान है !
दहेज़ नहीं मांगो
अपना पैसा खुद कमाओ !
28/10/2017
** एक ग़रीब.शख़्स **
•
एक ग़रीब शख़्स की शादी निहायत हसीन-ओ-जमील औरत से हो गई।
उस औरत के हुस्न की सबसे बड़ी वजह उसके लंबे घने स्याह बाल थे,
जिनकी फ़िक्र सिर्फ़ उसे ही नहीं बल्कि उन दोनों को रहती थी।
एक दिन बीवी ने अपने शौहर से कहा कि "कल वापसी पर आते हुए रास्ते में दुकान से एक कंघी तो लेते आना, क्योंकि बालों को लंबे और घने रखने के लिए उन्हें बनाना सँवारना बहुत ज़रूरी है। और फिर मैं कितने दिन हमसायों से कंघी माँगती रहूंगी.?
"ग़रीब शख़्स के पास एक क़ीमती घड़ी थी जिसकी चैन टूटी हुई थी, उसने अपनी बीवी से माज़रत करली और बोला: मेरी तो अपनी घड़ी की चैन टूटी हुई है, मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि उसे ठीक करवा सकूँ, तो मैं भला कंघी कैसे ला सकता हूँ...। तुम कुछ दिन मज़ीद हमसाइयों की कंघी से गुज़ारा करो, जब पैसे होंगे तो ले आउंगा!
"बीवी अपने शौहर की मजबूरी को समझ रही थी, इसलिए ज़्यादा इसरार नहीं किया।
उस शख़्स ने उस वक़्त तो बीवी को चुप करवा दिया, लेकिन फिर अंदर ही अंदर अपने आपको कोसने लगा कि, मैं भी कितना बद-बख़्त हूँ कि अपनी अहेलिया की एक छोटी सी ख़ाहिश भी पूरी नहीं कर सकता।
दूसरे दिन वो घड़ियों की दुकान पर गया, और अपनी क़ीमती घड़ी को औने-पौने दामों में बेची, और उससे मिलने वाले पैसों से एक अच्छी सी कंघी ख़रीदी, और बड़ी राज़-दारी से छिपा कर घर की तरफ़ रवाना हुआ। उसने सोचा घर जा कर बीवी को तोहफ़ा दूंगा तो वो बहुत ख़ुश होगी। जब वो घर गया तो क्या देखा उसकी बीवी ने अपने लंबे बाल कटवा दिए थे। और मुस्कुराते हुए उसकी तरफ़ देख रही थी।
उस शख़्स ने हैरत से पूछा: "ये क्या-किया तुमने, अपने बाल क्यों कटवा दिये.?, पता है वो तुम्हारे ऊपर कितने ख़ूबसूरत लगते थे.?
"बीवी बोली: "कल जब आपने कहा कि आपके पास घड़ी ठीक करवाने के
पैसे भी नहीं हैं तो मैं बहुत अफ़्सुर्दा हो गई।
चुनाँचे आज मैं क़रीब के ब्यूटी पार्लर पर गई थी, वहाँ अपने बाल बेच कर आपके लिए ये घड़ी की चीन लाई हूँ...।
"जब उस शख्स ने अपनी बीवी को कंघी दिखाई तो फर्त-ए-जज़बात में दोनों की आँखें नम हो गईं...।
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प्यार सिर्फ़ कुछ देने और लेने को ही नहीं कहते, बल्कि प्यार एक क़ुर्बानी और इसार का नाम है,
जिसमें अक्सर अपनी ख़ाहिशात और जज़बात को सिर्फ़ इसलिए क़ुर्बान कर दिया जाता है ताकि रिश्तों का तक़द्दुस और अहतिराम बरक़रार रहे...।
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