07/10/2026
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के चीफ नोडल अधिकारी श्री अजय शर्मा ने की समीक्षा
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रबी सीजन की तैयारियों, कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन एवं योजनाओं के अभिसरण की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
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अतिरिक्त सचिव, श्रम मंत्रालय, भारत सरकार एवं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के केंद्रीय चीफ नोडल अधिकारी श्री अजय शर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में योजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, निर्धारित संकेतकों की प्रगति, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं के क्रियान्वयन, भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने खरीफ 2026 की उपलब्धियों की समीक्षा के दौरान बताया कि जिले में निर्धारित 2 लाख 30 हजार 800 हेक्टेयर फसल आच्छादन के लक्ष्य के विरुद्ध 2 लाख 30 हजार 810 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल आच्छादन किया गया है। उड़द, मूंग एवं तिल सहित विभिन्न फसलों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति दर्ज की गई है। आगामी रबी सीजन के लिए फसलवार तैयारी, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता तथा किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराने की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई।
फॉर्मर रजिस्ट्री के लिए अगले छह माह का रोडमैप तैयार करने के निर्देश
चीफ नोडल अधिकारी श्री शर्मा ने जिले में फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्य के दौरान सामने आ रही कठिनाइयों एवं चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाने के लिए अगले छह माह का स्पष्ट रोडमैप तैयार कर लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जा सके।
बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रमुख संकेतकों की विभागवार समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड, प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई, किसान उत्पादक संगठन, मृदा स्वास्थ्य, कृषि यंत्रीकरण, उद्यानिकी सहित विभिन्न गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। सितंबर 2026 तक की प्रगति के अनुसार जिले में 5 हजार 225 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं तथा 2 हजार 90 हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती के अंतर्गत आया है। वहीं सूक्ष्म सिंचाई के क्षेत्र में 340.3 हेक्टेयर की उपलब्धि दर्ज की गई है।
*कम प्रगति वाले संकेतकों पर विशेष निगरानी के निर्देश*
चीफ नोडल अधिकारी श्री शर्मा ने अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले संकेतकों की विशेष निगरानी करने तथा संबंधित विभागों को लक्ष्यपूर्ति के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत करने, किसान क्रेडिट कार्ड की पहुंच बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार करने तथा कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों से अधिक से अधिक पात्र किसानों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
*रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा*
रबी 2026-27 की तैयारियों के संबंध में बीज की उपलब्धता एवं वितरण, उर्वरक की उपलब्धता, कृषि ऋण एवं किसान क्रेडिट कार्ड, सिंचाई एवं जल उपलब्धता, मौसम आधारित आकस्मिक कार्ययोजना तथा फसलों के उपार्जन एवं विपणन व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को फसलवार बीज की उपलब्धता की सतत निगरानी करने, आवश्यकता के अनुसार उर्वरक की समय पर आपूर्ति एवं वितरण सुनिश्चित करने तथा पात्र किसानों को समय पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जल संरक्षण एवं सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया गया। किसानों को समय पर मौसम एवं कृषि संबंधी सलाह उपलब्ध कराने तथा रबी सीजन में गेहूं के साथ चना, सरसों, मसूर, मटर, जौ एवं अलसी जैसी अपेक्षाकृत कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को प्रोत्साहित करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
*योजनाओं के अभिसरण से किसानों को अधिक लाभ दिलाने पर जोर*
बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर अभिसरण एवं समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। विभागों को PMDDKY पोर्टल पर आंकड़ों की शुद्धता, पूर्णता एवं समयबद्ध अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मैदानी स्तर पर किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सेवाओं की अंतिम छोर तक उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जिले में जल संरक्षण एवं कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए किए गए कार्यों तथा विभिन्न नवाचारों की जानकारी चीफ नोडल अधिकारी श्री शर्मा को दी। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत तालाबों एवं आवक चैनलों के पुनर्जीवन से सिंचाई क्षमता में वृद्धि, कृषि क्षेत्र के विस्तार तथा रबी फसलों की उत्पादकता में सुधार के परिणामों से अवगत कराया गया।
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने पीएमकेएसवाई 2.0 के अंतर्गत क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन, महिला किसान एफपीओ के माध्यम से मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन तथा प्राकृतिक खेती के अंतर्गत बीजामृत, जीवामृत एवं अग्नेयास्त्र जैसे नवाचारों की जानकारी भी दी। श्री अजय शर्मा ने निर्देश दिए कि दो-तीन योजनाओं के अभिसरण से हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने वाले प्रभावी प्रकरणों की व्यवस्थित केस स्टडी तैयार कर सुरक्षित रखी जाए, ताकि ऐसे नवाचारों को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सके।
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ तालाब में किए जा रहे मछली पालन कार्य की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में स्थित ऐतिहासिक तालाबों में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का समुचित उपयोग कर जिले में मत्स्य पालन गतिविधियों को और बढ़ावा दिया जा सकता है। चीफ नोडल अधिकारी श्री शर्मा ने जिले में किए जा रहे नवाचारों के संबंध में आवश्यक केंद्रीय सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की बात कही।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विशाल धाकड़, डिप्टी कलेक्टर एवं PMDDKY नोडल अधिकारी श्रीमती अंजली शर्मा, उपसंचालक कृषि श्री मनोज कश्यप, कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी.एस. किरार एवं डॉ. एस.के. जाटव, श्री मुन्नीलाल यादव सहित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से संबंधित विभागों के विभागप्रमुख उपस्थित रहे।