28/10/2026
नेता सेवक है, भगवान नहीं। सवाल पूछना देशद्रोह नहीं, लोकतंत्र की जिम्मेदारी है।
लोगों ने नेताओं को इतना बड़ा बना दिया कि अब देश से पहले पार्टी दिखाई देती है।
शिक्षा खराब हो - कोई बात नहीं।
अस्पताल बदहाल हों - कोई बात नहीं।
बेरोजगारी बढ़े - कोई बात नहीं।
बस मेरी पार्टी सही होनी चाहिए और दूसरी पार्टी गलत।
देश अपना है, हमें अपने देश से प्यार है,