17/01/2026
बहन कुमारी मायावती जी को जितनी जन्मदिन पर बधाई सभी पार्टियों के जिले स्तर से लेकर राष्टीय स्तर तक ने दी, उतनी आज तक किसी को नही मिलती। इसका कारण उनका व्यवहार है जिसमे बेफालतू के शब्द, टारगेट, व जबरदस्ती का ऐसा जोश भरने वाले नारो जिससे युवा आक्रोशित होकर अपना नुकसान कर ले से दूरी बनाना है।
वास्तव में विरोधी पार्टियो में आधे से ज्यादा नेता पदाधिकारी बहनजी के कैडर में रह चुके है। कई नेता जब खत्म होने की कगार पर हुए उन्हें राजनैतिक जीवनदान बहनजी ने दिया।
इमरान मसूद जब 4 साल पहले कोंग्रेस में थे, अखिलेश यादव के वायदे पर कोंग्रेस छोड़कर सपा में आ गए, अखिलेश यादव ने ठेंगा दिखाते हुए विधायकी का टिकट तक नही दिया। घनघोर बेइज्जती हो गयी। राजनैतिक धब्बा लग गया। तब बहनजी ने उन्हें मेयर का टिकट दिया जिसमें काफी नजदीक से उनकी रिश्तेदार हारी लेकिन राजनैतिक ऑक्सीजन मिल गयी और फिर पुनः कोंग्रेस से टिकट लेकर सांसद बन गए।
ऐसी लिस्ट लम्बी है। बहनजी ने जिसके सर पर हाथ रख दिया वो सोना बन गया। ।
विकास कुमार जाटव
