19/06/2026
💐 #नारी_क्या_है??जब भगवान #स्त्री_की_रचना कर रहे थे,तब उन्हें काफी समय लग गया!!
आज छठा दिन था और स्त्री की रचना
अभी अधुरी थी,इसिलए देवदुत ने पूछा
भगवन आप इस में इतना समय क्यों
ले रहे हो...
भगवान ने जवाब दिया
क्या तूने इसके सारे गुणधर्म
(specifications) देखे है,
जो इसकी रचना के लिए
आवश्यक है।
यह हर प्रकार की परिस्थितियों
को संभाल सकती है।
यह एकसाथ अपने सभी बच्चों
को संभाल सकती है एवं प्रसन्न
रख सकती है।
यह अपने स्नेह एवं प्रेम से घुटनों
की खरोंच से लेकर टुटे हुये दिल
के घाव भी भर सकती है।
यह सब सिर्फ अपने दो
हाथों से कर सकती है।
इस में सबसे बड़ा गुणधर्म यह है
कि बीमार होने पर भी अपना ख्याल
खुद रख सकती है एवं 18 घंटे काम
भी कर सकती है।
देवदूत चकीत रह गया और
आश्चर्य पुछा,"भगवान क्या यह
सब दो हाथों से कर पाना संभव है।"
भगवान ने कहा यह एक
उच्च स्तर की रचना है।
(सभी में ये गुणधर्म हैं)
देवदुत ने नजदीक जाकर स्त्री को
हाथ लगाया और कहा भगवान यह
तो अत्यंत कोमल है।
भगवान ने कहा हाँ यह अत्यंत
ही कोमल है मगर इसे अत्यंत
कठोर भी बनाया है।
इसमें हर परिस्थितियों का
संभालने की क्षमता है।
देवदुत ने पुछा क्या
यह सोच भी सकती है ?
भगवान ने कहा यह सोच भी
सकती है और कठोर हो कर
किसी भी परिस्थिति का सामना
भी कर सकती है।
देवदुत ने नजदीक जाकर स्त्री
के गालों को हाथ लगाया और
बोला,"भगवान ये तो गीले है।
लगता है इसमें से स्राव हो रहा है।
भगवान बोले यह स्राव नहीं है।
यह इसके अश्रु कण हैं।
देवदुत: आँसू किस लिए ?
भगवान बोले : यह भी
ईसकी शक्ति है,बल है।
अश्रु कण इसकी याचना करने
एवं स्नेह प्रेम जताने एवं अपना
अकेलापन दूर करने की विधि है।
देवदुत: भगवान आपकी
रचना अदभुत है।
आपने सबकुछ सोच कर
बनाया है।
आप महान है।
भगवान बोले यह स्त्री
रूपी रचना अदभुत है।
यही हर पुरुष का बल है जो
पुरुष को प्रोत्साहित करती है।
वह सभी को प्रसन्न
देखकर प्रसन्न रहतीँ है।
हर परिस्थिति में हंसती रहती है।
उसे जो चाहिए वह लड़
कर भी ले सकती है।
उसके प्यार में कोइ शर्त नहीं है।
(Her love is unconditional)
उसका दिल टूट जाता है जब
अपने ही उसे धोखा दे देते है।
मगर हर परिस्थितियों से
समझौता करना भी जानती है।
देवदुत: भगवान आपकी
रचना संपूर्ण है।
भगवान बोले ना अभी
इसमें एक त्रुटि है।
" यह अपनी महत्ता भूल जाती है "
(" She often forgets what
she is worth".)
्रद्धेय_है,, #अपनी_हीं_महत्ता क़ो भूल रहीं है..
"नारी तुम केवल श्रद्धा हो !!!!
समस्त नारी शक्तियों,
मातृ शक्तियों को
सादर समर्पित,,
💐 #साभार_💐