21/08/2026
हिरण पूरे दिन घास खाने मे लगा रहता है घास को प्रोटीन मे बदलने मे ही लगा रहता है
दूसरी तरफ माँसाहारी जानवरों को जब तक भूख नही लगती बस आराम से पड़े रहते हैं क्यों कि उन्हें पता है कि उनके लिए प्रोटीन का इंतजाम करने के लिए हिरण जो लगा हुआ है
जब तक हिरण जिंदा है जंगल में खूंखार जानवर मस्त सोते है पर हिरण जब कम होने लगते हैं तो ये भूखे खूंखार नए जंगल की तलाश करते हैं
हिन्दू हिरणों ने बड़ी मेहनत से सोना चांदी हीरे ज्ञान-विज्ञान इकट्ठा किया था क्या हुआ
एक खूंखार नस्ल साफ कर गई सब
ईरान लिया
अफगानिस्तान लिया
पाकिस्तान लील गए,
कश्मीर लिया,
बांग्लादेश लिया,
केरल,
बंगाल और
आसाम भी गया ही समझो.
उस नस्ल ने सिर्फ शिकारी predator के गुण विकसित किये है
अब पाकिस्तान और बांग्लादेश में खाने पीने की भयंकर कमी आ रही है क्यों कि हिन्दू पंजाबी सिंधी अहमदिया जैसे हिरण कम हो चुके है जिनकी वजह से इकॉनोमी चल रही थी
बाकी का काम सिर्फ शरीयत को 100 प्रतिशत लागू करना है, जिसकी वजह से धीरे धीरे पाकिस्तान बांग्लादेश में हिरण खत्म हो रहे है और खूंखार नरभक्षी बढ़ रहे है अब उन नरभक्षियों की नजर नए जंगलों पे है वो है भारत
इसे ही वो गज़वा ए हिन्द कहते है और उनके मजहबी किताबों में इसका जिक्र हो चुका है, हर शांतिप्रिय शेर के मन मे वो ऐसे बैठा हुआ है जैसे तुम्हारे लिए राष्ट्रगान
इस आखरी जंग मे सेना कुछ नही कर पाएगी क्यों कि ये जंग अंदर से शुरू होगीफिर बाहर से
जितनी तेजी से पाक~बांग्लादेश से हिरण कम हो रहे है उतनी ही जल्दी इसकी संभावना बढ़ रही है और ये जंग अचानक नही होगी. तुम पहले से ही इस जंग में है विश्वास न हो तो आसाम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश केरल आदि के उनकी बाहुल्य वाले इलाके मे घूम के आओ वहां से हिरणों ने घर और सम्पति बेच के कही और बसेरा बना लिया है…!
हमारे यहाँ के हिरण कहाँ जाने की सोच रहे हैं