20/12/2025
दिनांक 13 दिसंबर 2025 को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के 105वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी द्वारा डिग्री एवं पदक वितरण समारोह का भव्य आयोजन महामना सभागार, विज्ञान संस्थान, बीएचयू में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सवपूर्ण वातावरण में सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो॰ पृथ्वीश नाग, (सदस्य—बीएचयू अकादमिक परिषद, निदेशक—SHEPA तथा पूर्व कुलपति, एम.जी.के.वी.पी वाराणसी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने आशीर्वचन देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा दिए गए निर्देशों को हम सफलतापूर्वक तभी अपना पाएंगे जब हम अपना सर्वश्रेष्ठ शिक्षा के क्षेत्र में दें।
उन्होने रेखांकित किया कि वसंत कन्या महाविद्यालय का थियोसोफिकल सोसाइटी से गहरा संबंध रहा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय जी एवं डॉक्टर एनी बेसेंट के आदर्शों को यह महाविद्यालय आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने सभी डिग्री धारकों को कला ,विज्ञान, वाणिज्य, सामाजिक विज्ञान के अलावा सभी क्षेत्रों में सफलता हासिल करने के लिए कहा।
विशिष्ट अतिथि श्री मोहित अग्रवाल ,(पुलिस आयुक्त ,वाराणसी) तथा प्रोफेसर संजय कुमार, (रेक्टर बी .एच. यू एवं निदेशक ,विज्ञान संस्थान बी .एच. यू भी पधारे।
सम्पूर्ण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो॰ रचना श्रीवास्तव तथा प्रबंधक श्रीमती उमा भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्राचार्या ने अतिथियों का स्वागत किया और छात्राओं को अपने सन्देश में कहा कि आज का यह समारोह एक अंत नहीं बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि—आप वसंत कन्या महाविद्यालय की पहचान और भविष्य हैं। वे जहाँ भी जाएँ, अपने ज्ञान, संस्कार और आचरण से इस संस्थान का नाम रौशन करें और सीखने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखें। संवेदनशील, नैतिक और अनुशासित रहकर.समाज के प्रति अपना दायित्व निभाएँ व शोध कार्य, उद्यमिता व सामाजिक सेवा से वसंत कन्या महाविद्यालय के आदर्शों को साथ लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने प्रति वर्ष महाविद्यालय की छात्राओं को मिलने वाले स्वर्ण पदकों को उल्लिखित करते हुए बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महाविद्यालय की छात्राओं ने पाँच स्वर्ण पदक प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
यूजी एवं पीजी (कला संकाय)की छात्राओं को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित सत्र में डिग्रियों के साथ-साथ स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया।
कला विभाग की तीन छात्राओं को बी एच यू स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त हुए—सुश्री प्राची सिंह – एम.ए. हिंदी को गुरु पथिक बाला बैरागी अद्वैत स्वर्ण पदक, श्रीमती कृष्णा रानी जोशी मेमोरियल स्वर्ण पदक, दुर्गा शंकर दीक्षित रजत पदक
कुमारी स्वाति पांडे – बी.ए. प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं पुरातत्व को श्रीमती सुधा नारायण मेडल व कुमारी रिया सिंह को बी.ए. गृह विज्ञान विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित समारोह में सामाजिक विज्ञान के विद्यार्थियों को डिग्रियाँ एवं पदक प्रदान किए गए। इस अवसर पर दो छात्राओं कुमारी प्रतिभा कुमारी – एम.ए. इतिहास एवं कुमारी राशि दुबे – बी.ए. समाजशास्त्र को स्वर्ण पदक प्रदान किए गये। इसके साथ हीं हिंदी के दो व गृहविज्ञान विभाग के एक शोधार्थी को शोध-उपाधि प्राप्त हुई।
समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित करना था। महाविद्यालय परिवार ने सभी पदक प्राप्तकर्ताओं एवं डिग्रीधारी छात्र–छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक -शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर नैरंजना श्रीवास्तव, प्रो. गरिमा उपाध्याय ,डॉक्टर शुभ्रा सिन्हा एवं डॉक्टर सुप्रिया सिंह ने किया। आयोजन का शुभारंभ महाविद्यालय के कुलगीत से हुआ जिसका निर्देशन प्रोफेसर सीमा वर्मा ने किया व तबले पर संगत श्री सौम्यकांति मुखर्जी ने किया।
11/07/2023
वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी दिनांक 10.07.2023 को अपराह्न 12ः30 बजे महाविद्यालय के 69वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन छात्र सलाहकार समिति और आइ. क्यू. ए .सी के सदस्यों ने मिलकर किया। महाविद्यालय की स्थापना 10 जुलाई, 1954 को आदरणीय रोहित मेहता जी के द्वारा की गयी थी। महाविद्यालय की प्रथम प्राचार्या डाॅ॰ लीला शर्मा थी। मात्र 12 छात्राओं से यह महाविद्यालय शुरू किया गया था। वहीं आज कुल 2500 छात्रायें यहाँ स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा/सर्टिफिकेट आदि कोर्सो की डिग्रियां प्राप्त कर रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के कुलगीत से हुआ। जिसका निर्देशन संगीत विभाग की अध्यक्षा प्रो॰ सीमा वर्मा ने किया था। तबले पर संगत किया श्री सौम्यकान्ति मुखर्जी ने। हारमोनियम पर श्रीमती विनीता गुजराती थी। तत्पश्चात् प्रबंधिका महोदया श्रीमती उमा भट्टाचार्या, डाॅ॰ अनुराधा बनर्जी, कार्यवाहक प्राचार्या डाॅ॰ शान्ता चटर्जी एवं अन्य शिक्षिकाओं द्वारा एनीबेसेण्ट के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। तत्पश्चात् स्वागत वक्तव्य डाॅ॰ शान्ता चटर्जी ने दिया। उन्होंने कहा कि - इस महाविद्यालय में सभी शिक्षक सेवा धर्म का पालन करते हुए ही शिक्षण कार्य सम्पन्न करते है। उन्होंने आचार्या दण्डी की बात का उद्धरण देते हुए कहा कि शिक्षा ही वह ज्योति है जो समस्त विश्व को आलोकित करती है। कार्यक्रम की अगली कड़ी में प्रबंधिका महोदया को पौधा देकर सम्मानित किया गया। प्रो॰ पूनम पाण्डेय ने महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो॰ रचना श्रीवास्तव के संदेश का पाठन किया। प्राचार्या ने महाविद्यालय के सभी शिक्षक/शिक्षिकाओं, कर्मचारीगण, छात्र/छात्राओं को स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन उनहत्तर वर्षों में महाविद्यालय ने नित नयी ऊँचाइयों को प्राप्त किया है। महाविद्यालय की स्थापना Education As Service के विचार के आधार पर की गयी थी। साथ ही Quality Education पर फोकस किया गया था और आज भी हम Quality Education के प्रति प्रतिबद्ध है। मुख्य वक्ता महाविद्यालय की प्रबंधक श्रीमती उमा भट्टाचार्या ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज का दिन हर्ष,उल्लास और उत्सव का दिन है। आज महाविद्यालय जिस मुकाम पर पहुँचा है वह सराहनीय है। महाविद्यालय की प्रेरणा स्त्रोत डाॅ॰ एनीबेसेण्ट रहीं है। यही से शिक्षा प्राप्त कर यहाँ प्रबंधिका पद पर आना मेरा सौभाग्य है। इस महाविद्यालय की भूमि पवित्र है। किसी भी व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व में कृत्रिमता नहीं लानी चाहिए। हमारी आध्यात्मिकता ही हमे चुनौतियों से लड़ने की ताकत देती है। कार्यक्रम की अगली कड़ी में संगीत विभाग की छात्राओं ने राग मियां मल्हार में ‘बोले रे पपिहरा’ तथा कजरी प्रस्तुत की। तत्पश्चात् तंद्रिमा गांगुली ने गणेश वन्दना की अद्भुत नृत्य प्रस्तुति दी। धन्यवाद ज्ञापन प्रो॰ इन्दु उपाध्याय ने दिया। कार्यक्रम का सुन्दर एवं सुगठित संचालन प्रो॰ पूनम पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षक- शिक्षिकायें , कर्मचारीगण एवं छात्राएं मौजूद रहीं।
समस्त कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्टिंग डॉ शुभांगी श्रीवास्तव ने की।
20/06/2023
Vasant Kanya Mahavidyalaya PG College, Kamachha Varanasi is organizing a Seven Day National Workshop on Research Methodology in Humanities from 26.06.2023 to 03.07.2023 for faculty members, research scholars and students of post-graduation.
We invite your participation. Kindly check the brochure for detailed information.
👉 The workshop will be held in Hybrid mode.
👉 Registration link will open on 20.06.2023@ 10:30 am. Participants should
necessarily get themselvesregistered through Google form provided with the link .
https://forms.gle/gwwuJBbYrPucvmtw5
👉 After submitting the form join Telegram group by clicking the link
provided with the Form.
👉 Only registered candidates will be considered eligible for the award of Certificate of participation at the completion of the workshop.
👉 A Google-form-questionnaire will be sent to the participants after lectures which will be mandatory to fill for the successful completion of the workshop.
👉 Participants who attend all the sessions and fulfill both the above-said criteria will be awarded E-Certificates.
👉 Participation fee for Faculty Members- Rs.500 only
for Students- Rs.200 only
A/C- VKM Seminar Fund-28600100017018
IFSC-BARB0LUXABS (fifth character is zero)
➢ To register Click the Link below:
➢ https://forms.gle/gwwuJBbYrPucvmtw5
➢ Google Meet App will have to be downloaded via Play Store
➢ Meeting link will be sent via Telegram .
➢ Certificate will be issued digitally via E-mail after active participation during seven-day workshop.
05/09/2022
Dear Sports Enthusiasts!
Sports Committee VKM PG College invites you to the celebration of *National Sports Day 2022* on *07. 09.2022*.
Let us come together to feel the zeal of Sports..
And don't forget..true Sporting is not a game of everyone !
Attached herewith details for your timely joining ..
05/04/2021
International e-Alumni Meet 2020-21