Mohammad Ziyaul Haq

Mohammad Ziyaul Haq

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Mai wo sunni hu Jamile qadri marne ke bad...Mera lasha bhi kahega� الصــلوة والسلام عليك يارسول الله

Photos from Mohammad Ziyaul Haq 's post 06/06/2025

___________नमाज ए ईद उल अज्हा का तरीका_____________
पहले ईस तरह नियत किजिए
नियत की मैने दो रकअत नमाज ईद उल अज्हा की , छे जाएद तकबीरों के साथ वास्ते अल्लाह तआलाके पीछे ईस ईमाम के मूह मेरा काबा शरीफकी तरफ कानो तक हाथ उठाकर अल्लाह हू अकबर कहकर हस्ब ए मामूल नाफके निचे हाथ बान्ध लिजिए और सना पढिए, फिर ईमाम साहब के मूताबीक कानों तक हाथ उठाइये और अल्लाह हू अकबर कहते हूवे हाथ छोडदिजिये , फिर हाथ कानो तक उठाइये और अल्लाह हू अकबर कहकर हाथ छोडदिजिये , फिर हाथ कानो तक उठाकर अल्लाह हू अकबर कहकर हाथ बान्ध लिजिए, यानी पहली तकबीरके बाद हाथ बान्धीये उस्के बाद दूसरी और तीसरी तकबीरमें छोडदिजिये और चौथीमें हाथ बान्ध लिजिए ""ईस्को यूं याद रखिए कि जहां कयाममें तकबीरके बाद कूछ पढना है वहां हाथ बान्धनें हैं और जहां नहीं पढ्ना वहां हाथ छोडना हैं""फिर इमाम साहब किरत करेगें उस्को बगौर समात फरमाए और इमाम साहब के मूताबीक रूकूअ सूजूद करके पहली रकअत पूरी करे अब दूसरी रकअत के लिए ईमाम साहब के मूताबीक अल्लाह हू अकबर कहकर हाथोंको बान्ध ले और ईमान साहब के किरतको बगौर समात करे फिर ईमाम साहब के मूताबीक अल्लाह हू अकबर कहते हुए तीन बार कानो तक हाथ उठाकर छोडदिजिये फिर चौथी तकबीर में बगैर हाथ उठाए रूकूअ में जाते हुए कायदेके मूताबीक नमाज मूकम्मल कर लिजिए,हर दो तकबीरों के दरमियान तीन बार سبحاناللہ कहनेकी मिक्दार चूप खडा रहना है।(बहारे शरीयत जि.1स. 781)... खूत्बा सुन्ना वाजिब है ईस्को बगौर समात फरमाए फिर दूआ करे । फिर एक आपस में मूसाफहा और मूआनका करे ,फिर जिसपर कुर्बानी वाजिब हो वो कुर्बानी करे।

05/06/2025

कूर्बानीके चन्द अहम मसायल

30/05/2025

ईद उल अज्हा ( बकराईद ) की नमाज नेपालगन्ज ईदगाह में सुबह 7 बजे और जामा मस्जिदमें 7.30 बजे अदा किया जायेगा ।

28/05/2025
16/05/2025

मदिने जानेवालो जाओ जाओ फि अमानिल्लाह
सभी हूज्जाज ए किराम को मूबारक बाद। ।।

30/03/2025

चादंके हवाले से आवामको पैगाम मूफ्ति ए जामा मस्जिद मूफ्ति जाफर रजा मिस्बाही दामत बरकातुहू

Photos from Mohammad Ziyaul Haq 's post 29/03/2025

___________नमाज ए ईद उल फित्र का तरीका_____________
पहले ईस तरह नियत किजिए
नियत की मैने दो रकअत नमाज ईद उल फित्र की,छ जाएद तकबीरों के साथ वास्ते अल्लाह तआलाके पीछे ईस ईमाम के मूह मेरा काबा शरीफकी तरफ कानो तक हाथ उठाकर अल्लाह हू अकबर कहकर हस्ब ए मामूल नाफके निचे हाथ बान्ध लिजिए और सना पढिए, फिर ईमाम साहब के मूताबीक कानों तक हाथ उठाइये और अल्लाह हू अकबर कहते हूवे हाथ छोडदिजिये , फिर हाथ कानो तक उठाइये और अल्लाह हू अकबर कहकर हाथ छोडदिजिये , फिर हाथ कानो तक उठाकर अल्लाह हू अकबर कहकर हाथ बान्ध लिजिए, यानी पहली तकबीरके बाद हाथ बान्धीये उस्के बाद दूसरी और तीसरी तकबीरमें छोडदिजिये और चौथीमें हाथ बान्ध लिजिए ""ईस्को यूं याद रखिए कि जहां कयाममें तकबीरके बाद कूछ पढना है वहां हाथ बान्धनें हैं और जहां नहीं पढ्ना वहां हाथ छोडना हैं""फिर इमाम साहब किरत करेगें उस्को बगौर समात फरमाए और इमाम साहब के मूताबीक रूकूअ सूजूद करके पहली रकअत पूरी करे अब दूसरी रकअत के लिए ईमाम साहब के मूताबीक अल्लाह हू अकबर कहकर हाथोंको बान्ध ले और ईमान साहब के किरतको बगौर समात करे फिर ईमाम साहब के मूताबीक अल्लाह हू अकबर कहते हुए तीन बार कानो तक हाथ उठाकर छोडदिजिये फिर चौथी तकबीर में बगैर हाथ उठाए रूकूअ में जाते हुए कायदेके मूताबीक नमाज मूकम्मल कर लिजिए,हर दो तकबीरों के दरमियान तीन बार سبحاناللہ कहनेकी मिक्दार चूप खडा रहना है।(बहारे शरीयत जि.1स. 781)...ईद उल फित्र का खूत्बा सून्नत है।ईस्को बगौर समात फरमाए फिर दूआ करे।फिर एक आपस में मूसाफहा और मूआनका करे ।।।

28/03/2025

कल्वे आशिक है अब पारा पारा
अल्वदा अल्वदा माहे रमजान। 😢😢😢

28/03/2025

आउने सोमवार अथवा मगंलवार ईद उल फित्र को नमाज नेपालगन्ज ईदगाह मा बिहान को ठीक ८ बजे हूने जानकारी गराउन्दछू।

27/03/2025

या अल्लाह ईस लैलतूल कदरके सद्के मेरी वालिदा समेत तमाम मरहूमैन की बेहिसाब बख्शीश अता फरमा।

25/03/2025

Ma sha Allah, allah karim apko salamat rakhe
@ khwaja mohammad Ashraf



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