अल्लाह की राह पे चलो

अल्लाह की राह पे चलो

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19/06/2024

AahilBhati

30/11/2017

बेशक अल्लाह बहुत बड़ा है

10/07/2016

Alhamdulillah
We have done it... is among the
Top 3 Trends in India & No. 1 in Mumbai in just 1 hr.

Photos 22/06/2016

डरता हुँ मौत से मगर मरना ज़रूर है ।

लरज़ता हुँ कफन से मगर पहन्ना ज़रूर है ।

हो जाता हुँ गमग़ीन जनाज़े को देख कर ।

लेकिन मेरा जनाज़ा भी उठना ज़रूरी है ।

होती बड़ी कपकपी कबरों को देख कर
पर मुद्दतो इस कबर में रहना ज़रूर है ।

मौत के आगोश में जिस दिन हमे सोना होगा ।

ना कोइ तकिया ना कोइ बिछोना होगा ।

साथ होंगे हमारे अमाल और कब्रिस्‍तान का छोटा सा
कोना होगा ।

मत करना कभी गुरूर अपने आप पर
ऐ इन्सान ।

अल्लाह ने तेरे जैसे ना जाने कितने मिट्टी से बना कर ।

मिट्टी में मिला दिए ।

अल्लाह हर गुनाहों की माफी माँगने पर माफ कर देता है सिवाय गीबत और चुगली पर
अल्लाह तब तक माफ नही फरमाता जब तक इन्सान
खुद उस से माफी ना माँगे जिस की गीबत की है ।

ये एक ऐसा गुनाह है जिसकी वजह से लोग काट काट
कर
जहन्नम में फैंके जाऐगें

प्लीज़ :- मुझे माफ कर देना अगर जाने अनजाने में
मुझ
से आप की गीबत हो गयी हो
और हो सके तो ये मैसिज़ सब को भेजो
ये सोच कर की आप को माफी माँगने का मौका
मिला

आप को अन्दाजा भी नहीं होगा की आपकी वजह से
कितने लोग अल्लाह से तौबा कर लेंगे....

खुदा हाफिज ।

20/06/2016

लाइक और कॉमेंट करते रहे
होसला बढ़ाते रहो

20/06/2016

ईमाम हसन(र0) की उम्र मुबारक 5 साल और ईमाम हुसैन (र0) की उम्र 4 साल 2 माह की थी।

सय्यदा फातिमा चक्की पीस कर फारिग़ होती हैं।

आप ने जा-नमाज़ बिछाया और इरादा किया कि नमाज़ पढ़ लूँ..

कि तभी हज़रत इमाम हसन और हुसैन (र0)दौड़ते हुए आये और जा-नमाज़ पर लेट गये ।

सय्यदा ने उठने को कहा तो दोनों शहज़ादे मचल गये और कहने लगे - अम्मीजान !

सुबह ईद हो जाएगी।

ईद के रोज़ सब नये नये कपड़े पहनेंगे हमें भी नए कपड़े मंगवा के दे दीजिए।

सय्यदा फातिमा का दिल हिल गया।

आप ने बच्चों को सीने से लगाकर कहा -

मेरे चाँद !

मुझे नमाज़ पढ़ लेने दो।

कल तुम्हें नये कपड़े मंगवाकर दूंगी।

अम्मी !
कल तो ईद है !

कपड़े अगर आये तो सिलेंगे कैसे..?

हज़रत हसन (र0) ने पूछा।

आप ने फरमाया फिक्र न करो बेटा ।

दरज़ी तुम्हारे लिए सिले सिलाए कपड़े लाएगा।

और फिर सय्यदा फातिमा ने नमाज़ पड़ना शुरू कर दी।

नमाज़ के बाद बारगाहे ख़ुदावन्दी में हाथ उठा दिये।

बारी तआला !
तू सब कुछ जानता है।
तेरी इस बन्दी ने सिर्फ इस लिए बच्चों से कपड़ो का वादा कर लिया कि उन का दिल न टूटे।मेरे ख़ुदा !
तू ख़ूब जानता है कि फातिमा ने कभी झूट नही बोला।

या अल्लाह ! मेरे उठे हुए हाथों की लाज रखना।

मैने तेरी रहमत के सहारे पर बच्चों से नए कपड़ों का वादा कर लिया है।

मेरे वादे की लाज रखना मौला।

इफ्तारी का वक़्त हो गया।

ईद का चाँद नज़र आ गया।

मदीना मुनव्वरा में मुनादी हो रही थी।

बच्चे अभी से ईद की तैयारी कर रहेथे।

रात को सोते वक़्त फातिमा के शहज़ादों ने फिर

अपना वादा अम्मी को याद दिला दिया।

फज्र की अज़ान हुई।

सय्यदा फातिमा ने नमाज़ अदा की।

अभी दुआ के लिए हाथ उठाये ही थे ,

कि दरवाज़े पे दस्तक हुई।

आप ने पूछे कौन है ?

आवाज़ आई - बिन्ते रसूल ! आपका दर्ज़ी हूँ ,

शहज़ादों के कपड़े लाया हूँ।

आप ने ग़ैबी मदद समझ कर कपड़े ले लिए।

हसन और हुसैन (र0) को कपड़े पहना दिये।

दोनों खुश होते हुए मस्जिद ए नबवी में नाना जान को कपड़े दिखाने गये।

रसूले खुदा (SALLAHU ALAIHI WASALLAM) मस्जिद ए नबवी के कच्चे फर्श पर लेटे हुए थे।

आप (SALLAHU ALAIHI WASALLAM) ने दोनों शहज़ादो को देखा तो बहुत ख़ुश हुए।

फिर आप (SALLAHU ALAIHI WASALLAM) बेटी के घर तशरीफ लाए

और मुस्कुराते हुए पूछा - बेटी यह कपड़े कहाँ से आये हैं ?

आपने अर्ज़ किया - अब्बाजान !

एक दरज़ी दे गया है।

आप(SALLAHU ALAIHI WASALLAM) ने फरमाया बेटी जानती हो वो दरज़ी कौन था ?

सय्यदा फातिमा ने कहा अल्लाह और उसका रसूल बेहतर जानतें हैं।

सरकारे दो आलम (SALLAHU ALAIHI WASALLAM) ने फरमाया -बेटी आपका दरज़ी बन कर आने वाले जिब्राईल थे।

और यह जोड़े वह अल्लाह के हुक्म से जन्नत से लाए थे।

हज़रत फातिमा (र0) ने ख़ुदा का शुक्र अदा किया।

उधर हज़रत अली के नन्हे नन्हे शहज़ादे खुशी से हुज़ूर SALALLAHU ALAIHI WASALLAM की चादर को सर पर रख कर आप से बार बार लिपट रहे थे...!!

♡SUBHAANALLAH♡..
बहुत प्यारा msg है अपने दोस्तों को ज़रूर सेंड करे

अल्लाह ने अपने बन्दों पे नेमते की जिनमे ऐ तीन है

१ अनाज में कीड़े पैदा कर दिये वर्ना लोग इसे सोने और चाँदी की तरह ज़खीरा कर लेते और लोग भूखे मर जाते

२ 💮 मौत के बाद मुर्दे के जिस्म में बदबू पैदा की वरना लोग अपने प्यारो को दफन ना करते

३ मुसीबत के बाद सबर और सकून दिया वरना ज़िन्दगी कभी खुशगवार ना होती

क़ुरान पाक को सुनने से कैंसर नहीं होता बल्की कैंसर अगर हो तो वो भी मर जाता है

नमाज़ में लम्बे सजदे करने से ज़ेहन तेज़ होता है

😇 और सर दर्द और बाल गिरने से बचाता है

👆 तशहूद के दौरान ऊँगली उठाने से दिल मज़बूत होता है
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
🌊 वो कौन सा पानी हे जो क़यामत के रोज़ नेकियों के साथ तराज़ू में रखा जायेगा
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
🍶 वज़ू का पानी
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
☝ अगर आप किसी को बता देंगे तो ये सदक़ा ऐ जरिया होगा
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
👍किसी एक को जरूर सेंड करे
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👆 अल्लाह पाक हमें कहने सुनने से ज्यादा अमल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाये
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🌴🌴🌴🌴🌴🌴सुम्मा आमीन
🎐🎐नमाज के 7 इनाम🎐🎐
🎍1.रोजी में बरकत
🎍2.तन्दरुस्त सेहत
🎍3.नेक औलाद
🎍4.खुशहाल घर
🎍5.दुनिया में इज्जत
🎍6.मैदाने हश्र में जामे कौशर
🎍7.आखिरत में जन्नत
🎐🎐इसे सिर्फ अपने तक ही मत रखो शेयर करकेp
दूसरों को भी बताओ🎐🎐
तौबा की उम्मीद पर हो चुके बहुत गुनाह या रब.....

मोहलत तो मिल रही है,तौफीक भी अता कर

جزاك اَلله الخير
في آمان آلله

آمين ثُم آمين

18/06/2016

खूबसूरत मॅसेज
क्या आप जानते है की अत्तहिय्यात जो हर नमाज
मे
पढा जाता है उसका वजूद कैसे हुआ
अत्तहिय्यात यह एक बहुत अहम दुआ है।
जब मैने इसकी हकीकत जानी तो इसकी हकीकत मेरे
दिल को छू गई ।
अत्तहिय्यात क्या है?
अत्तहिय्यात असल मेँ गुफ्तगु है आसमान मेँ
अल्लाह और
उसके रसूल के दरमियान की मेअराज के वक्त की,
के जब
हमारे नबी हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैही
वस्सल्लम
अल्लाह से मुलाकात के लिए हाज़िर हुए ।
मुलाकात के वक्त रसूलअल्लाह ने सलाम नही
किया,
और अस्सलामु अलैकूम नही कहा ।
अगर कोई अल्लाह से मुलाकात करता है तो उस
शख्स
को क्या केहना चाहीए.. दरअसल हकीकत मे हम
अल्लाह को सलाम नहीँ पेश कर सकते क्यूंकि
तमाम
सलामती अल्लाह की तरफ से है इसलिए
रसूलअल्लाह ने
अल्लाह को सलाम न करते हुए यह फरमाया:
"अत्तहिय्यातू लिल्लाही वस्सलवातू वत्तय्यीबात"
(तमाम बोल से अदा होनेवाली और बदन से अदा
होनेवाली तमाम इबादते अल्लाह के लिए है)
इसपर अल्लाह ने जवाब दिया,
"अस्सलामु अलैक या अय्यूहननबीय्यु वरहमतुल्लाही
वबरकातूह"
(सलामती हो तूमपर या नबी, और रहेम और बरकत
हो)
फिर नबी ने फरमाया:
"अस्सलामू अलैना वअला इबादील्लाहिस्सा
ॅलिहीन"
(सलामती हो हमपर और अल्लाह आपके नेक
बन्दो पर"
[यहा गौर करो, नबी ने सलामती हो मुझपर ऐसा
नही
कहा बल्की सलामती हो "हमपर" यानी उम्मत पर
ऐसा
कहा]
यह सब वाकेआ "फरिश्तो" ने सूना और ये सब
सुनकर
फरिश्तो न अर्ज कीया:
"अश्हदू अल्लाइलाह इल्लल्लाहु व अश्हदु
अन्न मुहम्मदन
अब्दुहू व रसूलूह"
(हम गवाही देते है की, अल्लाह के सिवाह कोई
इबादत
के लायक नही है और हम गवाही देते है की, हजरत
मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैही वस्सल्लम अल्लाह
के नेक बन्दे
और रसूल है)
मेरे अजीजों, अब सोचो के हम कितनी अहेम दुआॅ
(अत्तहिय्यात) हर नमाज मे पढते है।।।
ज्यादा से ज्यादा इस खूबसूरत दुआ को शेयर करें
ताकि सभी मुसलमान इस दुआ का मतलब जान
सके!
शुक्रिया.

10/05/2016

पेप्सी बोली सुन कोका कोला !
भारत का इन्सान है बहुत भोला।
विदेश से मैं आयी हूँ,
साथ में मौत को लायी हूँ ।
लहर नहीं ज़हर हूँ मैं,
गुर्दों पर गिरता कहर हूँ मैं ।
मेरी पी.एच. दो पॉइन्ट सात,
मुझ में गिरकर गल जायें दाँत ।
जिंक आर्सेनीक लेड हूँ मैं,
काटे आतों को, वो ब्लेड हूँ मैं ।
हाँ दूध मुझसे सस्ता है,
फिर पीकर मुझको क्यों मरना है ।
540 करोड़ कमाती हूँ,
विदेश में ले जाती हूँ ।
मैं पहुँची हूँ आज वहाँ पर,
पीने को नहीं पानी जहाँ पर ।
छोड़ो नकल अब अकल से जीयो,
और जो कुछ पीना संभल के ही
पीयो ।
बच्चों को यह कविता सुनाओ,
स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ ॥
(इसको आगे भेजते जाइये,
भारत के भविष्य को संवारिये ॥)

Photos 30/04/2016
30/04/2016

🚂🚎🚎🚎🚎🚎🚎🚎
यात्री कृपया ध्यान दे.
जन्नतुल फ़िरदोस को जाने वाली
🚂🚎🚎🚎🚎🚎
रमज़ान मुबारक एक्सप्रेस
अपने सही समय ⌚से चल रही है.
ये ट्रेन
🚂🚎🚎🚎🚎🚎🚎🚎
अपने सही समय पर, बंदगी प्लेटफ़ार्म 6-6-2016 पर आयेगी.
तमाम मोमिन पॅसेंजर से गुजारिश है की, अपने अपने लगेज
(नमाज़🌴 रोज़ा🌴ज़कात🌴 सदका🌴फित्राह🌴 और🌴तिलावत-ए-कुरान) को लेकर सवार हो.
और तमाम मम्नुह 💻📺📡🔇📻📢📣📀📯🎷🎺🎻🎹🎧🎤📺📻📡📯🎵🎸🎲🎺🎸🎹🎷🍷🍷📯🎥📷🚬🍻
चिजोंसे बचते हुए सफ़र करे.

रमज़ान मुबारक एक्सप्रेस
🚂🚎🚎🚎🚎🚎🚎🚎
लै-लतुल कद्रसे होती हुई अपने आखरी मकाम "ईद-उल-फित्र" ☪को पहोचेगी.

नोट-:
इस ट्रेनका टिकट
सेहरी
🍵🍜🍛🍚🍮🍩🍪🍦🍲🍘🍞

और
ईफ्तार है..
🍊🍏🍎🍌🍈🍑🍓🍉🍇🍒🍍🍐🍌🌽🍋
इसको लेना ना भूले.....

दुआ की दर्ख्वास्त.

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