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StockMarket NSE IPO:- को लेकर बड़ा अपडेट! ₹30,000 करोड़ तक हो सकता है इश्यूनेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के बहुप्रतीक्षि...
09/09/2026

StockMarket NSE IPO:- को लेकर बड़ा अपडेट! ₹30,000 करोड़ तक हो सकता है इश्यू

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। अभी कंपनी की ओर से प्राइस बैंड की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक शेयर का प्राइस बैंड करीब ₹1,750–₹1,785 रह सकता है।

इस अनुमानित अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन करीब ₹4.41 लाख करोड़ बैठ सकता है।

🚀 देश का सबसे बड़ा IPO बनने की तैयारी?

अगर NSE का इश्यू करीब ₹30,000 करोड़ का आता है, तो यह भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकता है।

अक्टूबर 2024 में Hyundai Motor India ने ₹27,859 करोड़ का IPO लाकर LIC के ₹20,557 करोड़ के इश्यू का रिकॉर्ड तोड़ा था। अब NSE इस आंकड़े को पीछे छोड़ने की तैयारी में नजर आ रहा है।

📅 कब आ सकता है IPO?

सूत्रों के अनुसार:

🔹 15 सितंबर – प्राइस बैंड की घोषणा संभव
🔹 17 सितंबर – एंकर निवेशकों के लिए इश्यू खुल सकता है
🔹 18–22 सितंबर – आम निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन की संभावना

हालांकि अंतिम तारीखें और प्राइस बैंड NSE की आधिकारिक घोषणा के बाद ही पक्के माने जाएंगे।

💰 IPO में क्या होगा?

NSE का यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) हो सकता है। यानी कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बिक्री के लिए प्रस्तावित हिस्सेदारी 6% से घटकर करीब 5.5% भी हो सकती है।

🏦 कौन-कौन बेच सकता है हिस्सेदारी?

OFS में कई बड़े संस्थागत निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें Bank of Baroda, SBI, Indian Bank, GIC, New India Assurance, United India Insurance, National Insurance, Oriental Insurance और StockHolding Corporation of India जैसे नाम शामिल हैं।

प्राइवेट निवेशकों में Morgan Stanley, ChrysCapital, CPP Investments, ICICI Lombard, Temasek और TA Associates जैसे निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री की बात सामने आई है।

Bank of Baroda ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि वह NSE के 76.9 लाख शेयर, यानी अपनी करीब 35% हिस्सेदारी, IPO के जरिए बेचने की योजना बना रहा है।

📌 एक और खास बात: NSE में करीब 1.7 लाख शेयरहोल्डर्स हैं, जो किसी अनलिस्टेड कंपनी के लिए बेहद बड़ा आंकड़ा है।

⚠️ नोट: प्राइस बैंड, IPO का आकार और तारीखों से जुड़ी जानकारी अभी आधिकारिक रूप से पूरी तरह घोषित नहीं हुई है। निवेश से पहले NSE की आधिकारिक घोषणा और IPO दस्तावेज जरूर देखें।

StockMarket Coforge Share : चेयरमैन के इस्तीफे की खबर से शेयरों में तेज गिरावटआईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Coforge के शेय...
09/09/2026

StockMarket Coforge Share : चेयरमैन के इस्तीफे की खबर से शेयरों में तेज गिरावट

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Coforge के शेयरों में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ओम प्रकाश भट्ट के तय समय से पहले इस्तीफा देने की खबर के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई।

BSE पर कारोबार के दौरान Coforge का शेयर करीब 8.67% गिरकर ₹1,780.10 के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया। हालांकि बाद में निचले स्तरों से थोड़ी खरीदारी लौटी। फिलहाल शेयर करीब 5.34% नीचे ₹1,845 के आसपास कारोबार कर रहा था।

चेयरमैन ने क्यों छोड़ा पद?

ओम प्रकाश भट्ट का कार्यकाल अप्रैल 2027 तक था, लेकिन उन्होंने लगभग 7 महीने पहले ही पद छोड़ दिया। उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

यह घटनाक्रम कंपनी के बोर्ड के एक इंटरनल असेसमेंट/बोर्ड सेल्फ-रिव्यू से जुड़ा हुआ है। समीक्षा के दौरान सामने आया कि भट्ट से संबंधित कुछ जानकारी बोर्ड सेल्फ-रिव्यू के सामने पूरी तरह प्रस्तुत नहीं की गई थी।

बोर्ड ने इस मामले में उनसे स्पष्टीकरण मांगा था और उनके जवाब की समीक्षा चल रही थी। हालांकि समीक्षा पूरी होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

भट्ट के अनुसार, बोर्ड के मूल्यांकन की प्रक्रिया के दौरान उनका पद पर बने रहना बोर्ड के प्रभावी तरीके से काम करने के लिए उचित नहीं होता, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।

अब कौन संभालेगा चेयरमैन की जिम्मेदारी?

ओम प्रकाश भट्ट के इस्तीफे के बाद कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर विवेक शर्मा को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है। वह 31 जनवरी 2027 तक इस जिम्मेदारी को संभालेंगे।

भट्ट ने कंपनी की विभिन्न बोर्ड कमेटियों से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।

💰 क्या कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ेगा?

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड का यह मूल्यांकन कंपनी के वित्तीय परिणामों या फाइनेंशियल स्टेटमेंट से संबंधित नहीं है।

Coforge के मुताबिक, इस प्रक्रिया का कंपनी की मौजूदा गाइडेंस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। बोर्ड असेसमेंट में आम तौर पर बोर्ड की कार्यप्रणाली, निर्णय लेने की प्रक्रिया, मैनेजमेंट की निगरानी, संभावित हितों के टकराव और डायरेक्टर्स के प्रदर्शन जैसी चीजों की समीक्षा की जाती है।

📊 Coforge शेयर का पिछले कुछ महीनों का प्रदर्शन

गिरावट के बावजूद Coforge ने पिछले कुछ महीनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।

17 मार्च 2026: ₹1,008.50 — 1 साल का लो
31 अगस्त 2026: ₹2,021.95 — 1 साल का हाई

यानी मार्च के निचले स्तर से अगस्त के हाई तक शेयर में करीब 100.49% की तेजी देखने को मिली।

⚠️ नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले खुद रिसर्च करें या वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

StockMarket GIFT Nifty संकेत: बाजार में हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है शुरुआतभारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत थ...
09/07/2026

StockMarket GIFT Nifty संकेत: बाजार में हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है शुरुआत

भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत थोड़ी कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआती संकेतों में GIFT Nifty करीब 47 अंक यानी 0.20% नीचे 23,963 के आसपास कारोबार करता नजर आया। ऐसे में माना जा रहा है कि Sensex और Nifty की शुरुआत दबाव में हो सकती है।

हालांकि एशियाई बाजारों में मजबूत तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों का 96 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचना और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। इसके अलावा अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका को भी मजबूत किया है।

शुक्रवार को बाजार ने संभाली थी स्थिति

पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार ने लगातार चार दिनों की गिरावट पर ब्रेक लगाया। मेटल, ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।

शुक्रवार को Sensex 362.57 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 76,515.43 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 24.25 अंक यानी 0.10% ऊपर 23,897.70 के स्तर पर रहा।

ग्लोबल मार्केट का मिला-जुला संकेत

अमेरिका के मजबूत जॉब्स डेटा से एक तरफ वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन दूसरी ओर इससे अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।

बाजार के अनुमान के मुताबिक 16 सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की संभावना करीब 58% मानी जा रही है। अक्टूबर तक यह संभावना लगभग 70% तक पहुंचने का अनुमान है।

एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी

सोमवार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी दिखाई दी। जापान का Nikkei करीब 2% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया के KOSPI में लगभग 3% की तेजी रही।

जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के शेयरों को ट्रैक करने वाले MSCI इंडेक्स में भी करीब 0.9% की बढ़त देखी गई।

हालांकि बाजार की नजर अब तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव पर बनी हुई है। खाड़ी क्षेत्र में जहाजों से जुड़े घटनाक्रम के बाद क्रूड की कीमतों में फिर तेजी आई है।

अमेरिकी शेयर बाजार दबाव में बंद

शुक्रवार को अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजारों में गिरावट रही। मजबूत रोजगार रिपोर्ट के बाद ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की चिंता ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।

- Dow Jones: 0.51% गिरकर 53,413.60
- S&P 500: 0.38% गिरकर 7,718.41
- Nasdaq: 0.29% गिरकर 26,506.99

$96 के पार पहुंचा Brent Crude

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले सप्ताह लगभग 10% की तेजी के बाद सोमवार को Brent Crude करीब 0.2% बढ़कर 96.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

वहीं WTI Crude लगभग 0.4% की बढ़त के साथ 91.85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।

तेल की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रहती है तो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इससे महंगाई और बाजार की धारणा पर असर पड़ सकता है।

FIIs की बिकवाली, DIIs का मजबूत सपोर्ट

NSE के आंकड़ों के अनुसार 4 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹3,111.94 करोड़ की बिकवाली की।

इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने लगभग ₹8,930.12 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी बाजार को सपोर्ट देने में अहम भूमिका निभा रही है।

Nifty के लिए 23,800 अहम सपोर्ट

तकनीकी स्तरों की बात करें तो Nifty के लिए फिलहाल 24,000 से 24,200 का क्षेत्र महत्वपूर्ण resistance zone माना जा रहा है।

वहीं 23,800 का स्तर प्रमुख support के रूप में देखा जा रहा है। यदि Nifty 24,200 के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो short-term trend में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

इसके विपरीत 23,800 के नीचे फिसलने पर बाजार में बिकवाली बढ़ सकती है और Nifty 23,600 के आसपास के स्तरों की ओर जा सकता है।

आज बाजार में किन चीजों पर रहेगी नजर?

निवेशकों के लिए आज मुख्य फोकस इन संकेतों पर रहेगा:

GIFT Nifty: कमजोर शुरुआत के संकेत
Nifty Resistance: 24,000–24,200
Nifty Support: 23,800
अगला सपोर्ट: 23,600
Brent Crude: $96 के ऊपर
FIIs: ₹3,111.94 करोड़ की बिकवाली
DIIs: ₹8,930.12 करोड़ की खरीदारी

कुल मिलाकर, भारतीय बाजार में शुरुआती दबाव के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है। वहीं कच्चे तेल की कीमत, अमेरिका-ईरान तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत आज बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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09/07/2026
StockMarket :- Luminous Industries Limited के IPO निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही बड़ा फायदा हुआ।3 सितंबर को कंपनी के शेय...
09/03/2026

StockMarket :- Luminous Industries Limited के IPO निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही बड़ा फायदा हुआ।

3 सितंबर को कंपनी के शेयर BSE पर करीब ₹109 के भाव पर लिस्ट हुए, यानी IPO प्राइस से लगभग 33% प्रीमियम पर। वहीं NSE पर शेयर करीब ₹110 पर लिस्ट हुए, जो लगभग 34% प्रीमियम है। कंपनी का अंतिम IPO इश्यू प्राइस ₹82 प्रति शेयर था।

Luminous Industries Limited एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। यह भारत की प्रमुख EPC कंपनियों को उत्पादों की सप्लाई करती है और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को भी सेवाएं प्रदान करती है।

कंपनी का मुख्य फोकस कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और पावर ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए विशेष उत्पादों के निर्माण और सप्लाई पर है।

कंपनी High-Temperature Low-Sag (HTLS) Conductors भी बनाती है, जिनका इस्तेमाल ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में किया जाता है।

इसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में एल्युमिनियम कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। वहीं EPC बिजनेस में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, HTLS री-कंडक्टरिंग, EHV सबस्टेशन, सोलर पावर प्रोजेक्ट और वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

कंपनी का ₹700 करोड़ का IPO 124.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

- Qualified Institutional Buyers (QIB): 232.79 गुना
- Non-Institutional Investors (NII): 185.21 गुना
- Retail Investors: 40.27 गुना
- Employees: 12.37 गुना

Sw****ka InvestSMART की Wealth Head Shivanee Naiti के अनुसार, कंपनी का आउटलुक सकारात्मक दिखाई देता है।

इसका एक प्रमुख कारण यह है कि दूसरी EPC और केबल कंपनियों की तुलना में कंपनी का वैल्यूएशन आकर्षक है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 11.71% है और अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले इसका RoNW (Return on Net Worth) सबसे अधिक है।

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने में किया जाना है। इससे भविष्य में कंपनी की वित्तीय लागत कम हो सकती है।

हालांकि, कंपनी के सामने एक बड़ा जोखिम भी है। कंपनी अपने सरकारी और PSU ग्राहकों पर काफी निर्भर है। कंपनी के राजस्व का लगभग 53% से 86% हिस्सा सरकारी और PSU ग्राहकों से आता है। टेंडर आधारित कारोबार होने के कारण कंपनी का कैश फ्लो समय-समय पर उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है।

निवेशकों के लिए रणनीति:
जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे थोड़ा मुनाफा बुक कर सकते हैं और बाकी शेयरों को ₹98–₹100 के ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं।

वहीं, नए निवेशकों को लिस्टिंग के बाद शेयर के पीछे भागने से बचना चाहिए और कुछ समय तक कंसोलिडेशन का इंतजार करना चाहिए।

अगर शेयर अच्छी वॉल्यूम के साथ ₹110–₹112 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो इसमें ₹120–₹125 तक जाने की संभावना बन सकती है।

मीडियम टर्म के निवेशक शेयर को सावधानी और उचित पोजीशन साइजिंग के साथ होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं।

StockMarket :- गैप-अप ओपनिंग के बाद निफ्टी ने अपनी पूरी तेजी गंवा दी और 24,000 के ऊपर टिकने में नाकाम रहा। हालांकि, बैंक...
09/03/2026

StockMarket :- गैप-अप ओपनिंग के बाद निफ्टी ने अपनी पूरी तेजी गंवा दी और 24,000 के ऊपर टिकने में नाकाम रहा। हालांकि, बैंक निफ्टी में मजबूत तेजी देखने को मिल रही है और यह फिलहाल 57,500 के ऊपर बना हुआ है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गतिविधि देखने को मिल रही है, लेकिन आईटी सेक्टर में गिरावट आने से बाजार में कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।

FCNR-B डिपॉजिट में भारी बढ़ोतरी के कारण रुपये में मजबूत तेजी देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 50 पैसे मजबूत होकर दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें 17 पैसे की मामूली कमजोरी भी आई।

सोलर इंडस्ट्रीज दक्षिण अफ्रीका में एक बड़े अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स सेक्टर की टॉप तीन कंपनियां फोकस में हैं और इस खबर के कारण उनके शेयरों में करीब 4% तक की तेजी देखने को मिली।

CNBC-Awaaz के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के मुताबिक, बाजार की दिशा अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

गैप-अप के बाद बाजार में गिरावट आई, लेकिन बैंक निफ्टी ने मजबूती दिखाई। आज बाजार के लिए सबसे बड़ा फैक्टर रुपये में आई तेजी रही। हालांकि, आईटी शेयरों में गिरावट के कारण निफ्टी की तेजी टिक नहीं पाई और रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली देखने को मिली।

बैंक निफ्टी पूरे दिन 57,500 के ऊपर बना रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो भी पूरे दिन सकारात्मक रहा।

INDIA VIX में भी करीब 4% की गिरावट आई।

हालांकि, कच्चा तेल अभी भी करीब 95 डॉलर के आसपास बना हुआ है। फिलहाल निफ्टी की स्थिति कमजोर नजर आ रही है। तेजी टिक नहीं पाई और बिकवाली देखने को मिली, जिससे ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने का मौका मिला।

सुबह का अनुमान था कि शुरुआती तेजी टिक नहीं पाएगी, इसलिए पहला ट्रेड शॉर्ट साइड में लिया गया। हालांकि, बैंक निफ्टी की मजबूती बाजार के लिए एक बड़ा सकारात्मक फैक्टर है।

निफ्टी और बैंक निफ्टी के महत्वपूर्ण स्तर

निफ्टी:

- नया बेयरिश ट्रेंड: 23,800 के नीचे
- सपोर्ट: 23,800–23,850
- रेजिस्टेंस: 24,050–24,100

बैंक निफ्टी:

- पॉजिटिव संकेत: 57,800 के ऊपर
- सपोर्ट: 57,300–57,500
- रेजिस्टेंस: 57,800–58,000

भारी डिपॉजिट: राहत या संकट?

RBI की फॉरेक्स कलेक्शन स्कीम काफी सफल रही है। उम्मीद से ज्यादा डिपॉजिट देश में आए हैं। करीब 136 अरब डॉलर देश में आए, जबकि अनुमान लगभग 80 अरब डॉलर का था।

इसमें NRI डिपॉजिट का सबसे बड़ा योगदान रहा, जो 127 अरब डॉलर से ज्यादा रहा। यानी कुल 136 अरब डॉलर में से करीब 93% हिस्सा NRI डिपॉजिट का रहा।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह खबर फिलहाल सकारात्मक है, लेकिन सवाल यह है कि इसके बाद क्या होगा।

अब RBI को करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मैनेज करना होगा और भविष्य में यह पैसा रिटर्न के साथ NRIs को वापस करना होगा। हालांकि, तब तक यह पैसा बाजार और रुपये को कुछ और समय तक सपोर्ट दे सकता है

StockMarket :- टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स के मुनाफे में 83% की बढ़ोतरीटाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors Commercial Vehi...
08/12/2026

StockMarket :- टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स के मुनाफे में 83% की बढ़ोतरी
टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors Commercial Vehicles Ltd. ने 12 अगस्त को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 83% बढ़कर ₹2,560 करोड़ हो गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई से जुड़े ग्राहकों की मजबूत मांग ने कंपनी के प्रदर्शन को सपोर्ट किया। हालांकि, बढ़ती कमोडिटी कीमतों का दबाव भी कंपनी पर बना हुआ है।

कंपनी का राजस्व पहली तिमाही में 20% बढ़कर ₹20,576 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹17,192 करोड़ था।

टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO गिरीश वाघ ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री ने मजबूत प्रदर्शन किया। भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, बेहतर फ्लीट इस्तेमाल और अलग-अलग सेक्टर से मिली मांग ने इसमें अहम भूमिका निभाई।

कंपनी की कमर्शियल व्हीकल बिक्री में भी सालाना आधार पर 26% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी के मुताबिक, मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, बेहतर मार्केट स्ट्रैटेजी और लगातार बेहतर क्रियान्वयन से उसकी बाजार स्थिति मजबूत हुई है।

इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स की मांग भी बढ़ी

कंपनी के इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल कारोबार में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। मई और जून में eSCV सेगमेंट का मार्केट शेयर 10% रहा। वहीं, पहली तिमाही में इस सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 47% रही।

यह इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स की बढ़ती मांग और देश में मजबूत होते EV इकोसिस्टम को दर्शाता है।

कंपनी के CFO जी.वी. रामनाथ के मुताबिक, पहली तिमाही में EBITDA मार्जिन 11.7% के मजबूत स्तर पर रहा। बढ़ती कमोडिटी कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कंपनी इस मार्जिन को बनाए रखने में सफल रही।

कंपनी का फ्री कैश फ्लो भी मजबूत रहा और पहली तिमाही में यह करीब ₹1,100 करोड़ रहा।

कंपनी ने कहा कि बढ़ती कमोडिटी कीमतों का दबाव अभी भी बना हुआ है। इससे निपटने के लिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी, कीमतों में अनुशासन और बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जा रहा है।

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी की घरेलू CV Vahan बाजार हिस्सेदारी 36.8% रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 100 बेसिस पॉइंट अधिक है।

कैटेगरी के हिसाब से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी इस प्रकार रही:

HCV: 56.3%

ILMCV: 36.9%

SCV PU: 27.7%

CV Passenger: 41.3%

12 अगस्त को टाटा मोटर्स CV का शेयर ₹342 पर बंद हुआ, जो करीब 1.6% नीचे रहा। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद नतीजे जारी किए हैं, इसलिए इन नतीजों का असर अगले कारोबारी सत्र में शेयर की कीमत पर देखने को मिल सकता है।

कंपनी ने भविष्य के प्रदर्शन को लेकर भी भरोसा जताया है। कंपनी का कहना है कि मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, लगातार इनोवेशन और ग्राहकों को बेहतर वैल्यू देने पर फोकस से बाजार में उसकी स्थिति और मजबूत होगी और आने वाले समय में ग्रोथ के साथ मुनाफे को भी बढ़ाया जा सकेगा।

StockMarket :- टाइटन के शेयर में तेजी, पहली तिमाही में मुनाफा 65% बढ़ाटाइटन के शेयर में पहली तिमाही के नतीजों के बाद सका...
08/10/2026

StockMarket :- टाइटन के शेयर में तेजी, पहली तिमाही में मुनाफा 65% बढ़ा
टाइटन के शेयर में पहली तिमाही के नतीजों के बाद सकारात्मक प्रदर्शन देखने को मिला है। इस दौरान कंपनी का मुनाफा 65% बढ़ा। कंपनी के ज्वेलरी और वॉच दोनों कारोबार ने अच्छा प्रदर्शन किया। मार्जिन भी उम्मीद से बेहतर रहे। कंपनी के मैनेजमेंट का कमेंट्री भी सकारात्मक रही।

टाइटन का कहना है कि ज्वेलरी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। ज्वेलरी कारोबार में EBIT मार्जिन का लक्ष्य 11% रखा गया है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, लेकिन फिलहाल स्थिति खराब नहीं है। अभी तक एक्सचेंज से मिलने वाला रेवेन्यू करीब 50% है। वहीं, नकद में सोने की बिक्री से फिलहाल कोई महत्वपूर्ण रेवेन्यू नहीं है।

Q2 की शुरुआत भी अच्छी

नतीजों और ग्रोथ आउटलुक पर बात करते हुए टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा कि पहली तिमाही में कंपनी के सभी बिजनेस सेगमेंट ने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, Damas बिजनेस का प्रदर्शन थोड़ा धीमा रहा।

मैनेजमेंट के मुताबिक वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई और अगस्त की शुरुआत अब तक अच्छी रही है। डिमांड में किसी तरह की कमजोरी के संकेत नहीं हैं।

दूसरी छमाही में मार्जिन में सुधार मुख्य रूप से प्रोडक्ट मिक्स पर निर्भर करेगा। एनालॉग घड़ियों की मांग मजबूत बनी हुई है। मैनेजमेंट का कहना है कि फिलहाल डिमांड पर दबाव की कोई वजह नहीं दिख रही है।

डिमांड को लेकर चिंता कम

पिछली कॉन्फ्रेंस कॉल में एनालिस्ट्स ने डिमांड को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन अब कंपनी को डिमांड में किसी तरह का दबाव नजर नहीं आ रहा है।

पिछले साल फेस्टिव सीजन जल्दी शुरू हो गया था। इसलिए इस साल फेस्टिव डिमांड Q2 से Q3 में शिफ्ट हो सकती है। कंपनी को उम्मीद है कि जब तक सोने की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तब तक डिमांड में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

दूसरी छमाही में मार्जिन सुधार की उम्मीद

कंपनी के मुताबिक दूसरी छमाही में मार्जिन में सुधार प्रोडक्ट मिक्स पर निर्भर करेगा। कम कैरेट वाले और स्टडेड ज्वेलरी कारोबार का प्रदर्शन अच्छा बना हुआ है।

सोने के सिक्कों की मांग में भी अब तक कोई गिरावट नहीं आई है। कंपनी के कुल ज्वेलरी कारोबार में स्टडेड ज्वेलरी की हिस्सेदारी करीब 25% से 27% के बीच रह सकती है। हालांकि, कंपनी ने इसे हासिल करने के लिए कोई निश्चित लक्ष्य तय नहीं किया है।

इंटरनेशनल बिजनेस भी मजबूत

टाइटन का इंटरनेशनल बिजनेस भी मजबूत बना हुआ है। अमेरिका के बाजार में भी कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है।

वहीं, Damas बिजनेस का प्रदर्शन आने वाली कुछ तिमाहियों में उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। हालांकि, कंपनी के कुल टॉपलाइन में Damas का योगदान 2% से भी कम है।

कुल मिलाकर, टाइटन के मैनेजमेंट की कमेंट्री सकारात्मक है। ज्वेलरी और वॉच कारोबार में मजबूत डिमांड बनी हुई है और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मार्जिन सुधार की उम्मीद कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

StockMarket :- Hitachi Energy के शेयर में जोरदार तेजी, नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज ने बढ़ाई रेटिंगजून तिमाही के मजबूत नतीज...
08/10/2026

StockMarket :- Hitachi Energy के शेयर में जोरदार तेजी, नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज ने बढ़ाई रेटिंग

जून तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद Hitachi Energy के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद कई एनालिस्ट्स ने कंपनी की रेटिंग अपग्रेड की, जिसके चलते शेयर की कीमत में 10% से ज्यादा की उछाल आई।

हालांकि, कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर में थोड़ी नरमी देखने को मिली। इसके बावजूद शेयर मजबूत बना हुआ है। फिलहाल BSE पर Hitachi Energy का शेयर 10.40% की तेजी के साथ ₹35,967.25 पर कारोबार कर रहा है। कारोबार के दौरान शेयर ने 10.77% की तेजी के साथ ₹36,089.65 का हाई छुआ।

Hitachi Energy को कवर करने वाले 20 एनालिस्ट्स में से 12 ने Buy, 5 ने Hold और 3 ने Sell की रेटिंग दी है।

जून तिमाही के शानदार आंकड़े

जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 69% बढ़कर ₹2,493 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA में 135% की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर ₹363 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 10.4% से बढ़कर 14.5% हो गया।

Hitachi Energy का ऑर्डर बैकलॉग अब ₹32,222 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर करीब 10% ज्यादा है।

इसके अलावा, जून तिमाही में कंपनी को 165 MW / 330 MWh प्रोजेक्ट के लिए अपना पहला BESS ऑर्डर भी मिला।

₹1,700 करोड़ के HVDC ऑर्डर को छोड़ दें तो कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो 26% बढ़कर ₹5,096 करोड़ हो गया। इसमें इंडस्ट्रियल, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल सेक्टर से मिली ग्रोथ का बड़ा योगदान रहा।

ब्रोकरेज ने बढ़ाए टारगेट प्राइस

Axis Capital ने Hitachi Energy की रेटिंग को Reduce से बढ़ाकर Add कर दिया है और टारगेट प्राइस को ₹32,470 से बढ़ाकर ₹35,159 कर दिया।

Purbudas Liladhar ने रेटिंग को Reduce से Hold किया और टारगेट प्राइस ₹30,768 से बढ़ाकर ₹34,026 कर दिया।

ICICI Securities ने कंपनी की रेटिंग को Buy कर दिया और टारगेट प्राइस ₹37,800 से बढ़ाकर ₹40,000 कर दिया।

वहीं, Macquarie ने अपनी Outperform रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹38,500 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में ग्रिड विस्तार पर होने वाला खर्च Hitachi Energy के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

Citi ने भी कंपनी का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹46,700 कर दिया है, जो इस शेयर के लिए सबसे ऊंचा टारगेट है।

Citi के मुताबिक, आगे बेस ऑर्डर इनफ्लो की ग्रोथ, नए सेगमेंट में मार्जिन का ट्रेंड, नई क्षमता का शुरू होना और HVDC ऑर्डर्स कंपनी के शेयर के लिए प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स हो सकते हैं।

StockMarket :- जिलेट इंडिया के शेयरधारकों को मिलेगा ₹60 का फाइनल डिविडेंडपर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी जिलेट इंडिया लिमिटे...
08/08/2026

StockMarket :- जिलेट इंडिया के शेयरधारकों को मिलेगा ₹60 का फाइनल डिविडेंड

पर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी जिलेट इंडिया लिमिटेड के शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹60 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलेगा। इस डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 24 अगस्त 2026 तय की गई है।

जिन शेयरधारकों के नाम 24 अगस्त तक कंपनी के रजिस्टर ऑफ मेंबर्स या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड में दर्ज होंगे, वे इस डिविडेंड के लिए पात्र होंगे। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है।

जिलेट इंडिया में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी प्रॉक्टर एंड गैम्बल (P&G) की हिस्सेदारी है।

कंपनी ने फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई में की थी। इस डिविडेंड पर शेयरधारकों की मंजूरी 31 अगस्त 2026 को होने वाली कंपनी की Annual General Meeting यानी AGM में ली जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड का भुगतान 30 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।

इससे पहले वित्त वर्ष 2025-26 में जिलेट इंडिया ₹120 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड और ₹60 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड भी दे चुकी है।

वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने ₹65 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड और ₹47 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। जिलेट इंडिया साल 2001 से लगातार डिविडेंड का भुगतान कर रही है।

शेयर की बात करें तो, BSE पर जिलेट इंडिया के शेयर की मौजूदा कीमत करीब ₹7,678.85 है। यह शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में करीब 28 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹25,000 करोड़ से ज्यादा है।

जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 75 फीसदी थी।

BSE पर शेयर का 52-वीक एडजस्टेड हाई ₹10,799.95 और 52-वीक एडजस्टेड लो ₹7,236.20 रहा है।

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