10/10/2026
पांकी CHC की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी का विरोध, 10 दिनों का अल्टीमेटम
पांकी, पलामू | 10 अक्टूबर 2026
पलामू जिले के पांकी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कथित तौर पर एक्सपायरी दवाएं मिलने, जनरेटर ऑपरेटर द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने और चिकित्सकों के कथित तानाशाही रवैये के विरोध में आज भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए।
इस दौरान भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी की पांकी प्रखंड कमिटी, जिला कमिटी और प्रदेश कमिटी के सदस्यों ने अस्पताल की लचर व्यवस्था को लेकर चिकित्सक प्रभारी से मुलाकात करने का प्रयास किया। हालांकि, आरोप है कि चिकित्सक प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं मिले।
इसके बाद आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने पलामू के उपायुक्त (DC) से फोन पर बातचीत कर अस्पताल की समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही, अस्पताल में मौजूद कई चिकित्सकों से भी बातचीत की गई और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई।
10 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने की मांग
आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अस्पताल में एक्सपायरी दवाएं मिलने, गैर-चिकित्सकीय कर्मियों द्वारा इलाज किए जाने के आरोपों तथा अन्य अव्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
नेताओं ने प्रशासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर अस्पताल की लचर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के नेतृत्व में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता को सुरक्षित दवाएं, उचित इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।
मौके पर उपस्थित प्रमुख लोग
इस मौके पर आजाद समाज पार्टी के नेता नागमणि रजक, राम कुमार रवि, सुहैल अंसारी, चंदू राम, सीताराम दास, गुलशन अंसारी, आशा अंबेडकर, अजय राम, कृष्ण कुमार, दिनेश कुमार, रौशन कुमार , धर्मेंद्र साव और नौशाद आलम सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं, JLKM के नेता अजय सिंह भी मौके पर उपस्थित रहे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
जनहित में संदेश: स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, मरीजों की सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।