Arti Singh Tanwar

Directions Website Contact the organization

Arti Singh Tanwar इन्स्पेक्टर आरती सिंह से जुड़ें। 🙏🏻
(3)

मूमल का संगीत हम अक्सर सुनते हैं, पर काफ़ी लोग ये नहीं जानते की जैसलमेर के लोद्रवा की राजकुमारी मूमल और अमरकोट के सोढ़ा ...
30/10/2026

मूमल का संगीत हम अक्सर सुनते हैं, पर काफ़ी लोग ये नहीं जानते की जैसलमेर के लोद्रवा की राजकुमारी मूमल और अमरकोट के सोढ़ा राजकुमार महेंद्र की प्रेम कहानी राजस्थान की अमर लोकगाथाओं में से एक है।
दोनों में गहरा अनुराग था, और महेंद्र रोजाना अपनी चमत्कारी ऊंटनी ‘करह’ पर सवार होकर मूमल से मिलने लोद्रवा आता था।
एक रात, मूमल की बहन सूमल उससे हंसी-मजाक में पुरुष के वेश में मूमल के पास सो गई। जब देर से पहुंचे महेंद्र ने उन्हें देखा, तो उसने गलतफहमी में मूमल को ग़लत समझ लिया और बिना कुछ कहे लौट गया। बाद में मूमल ने अपनी पवित्रता साबित करने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन विरह की इस अग्नि में अंततः दोनों के प्राण पखेरू उड़ गए।

“हाथों री मेहंदी रही, मन रो रहियो मलाल।


मूमल तड़पे अमरकोट, झूरै सोढो भाल।।”

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥मां की भक्ति में लीन, भक्ति और उत्सव के ये...
12/10/2026

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां की भक्ति में लीन, भक्ति और उत्सव के ये पावन दिन। शुभ नवरात्रि! 🌸🛕
❤️

मेरी मुस्कान में ठहरा है जो सुकूँ, वही ‘गुज़ारिश’ के सुरों में ढल गया,सतिंदर की रूहानी आवाज़ का जादू, आज फिर दिल पर चल ग...
10/10/2026

मेरी मुस्कान में ठहरा है जो सुकूँ, वही ‘गुज़ारिश’ के सुरों में ढल गया,
सतिंदर की रूहानी आवाज़ का जादू, आज फिर दिल पर चल गया। 💫❤️
Satinder Sartaaj the singer I never do get tired of admiring ❤️‍🔥

❤️

“जोधपुर के उन नीले रास्तों पर,मेरा गुलाबी आंचल आज भी लहराता है...” 💙🌸बीता हुआ एक साल हो गया, पर मन आज भी उन्हीं संकरी, न...
09/10/2026

“जोधपुर के उन नीले रास्तों पर,
मेरा गुलाबी आंचल आज भी लहराता है...” 💙🌸
बीता हुआ एक साल हो गया, पर मन आज भी उन्हीं संकरी, नीली गलियों में कहीं घूम रहा है। ऐसा लगता है जैसे कल की ही बात हो, जब मैं जोधपुर के उन ऐतिहासिक रास्तों पर अपने कदमों की छाप छोड़ रही थी, और वहां की नीली दीवारें मुझसे कोई पुरानी कहानी कह रही थीं।
वहां की धूप, वो हवाओं का रुख, और उन रंगीन गलियों में बिताया हर एक पल आज भी दिल में वैसे ही ताज़ा है। कुछ शहर सिर्फ घूमने के लिए नहीं होते, वो आपके भीतर हमेशा के लिए बस जाते हैं।

वो नीला सा शहर, वो गलियों का शोर,
खींच ले जाता है दिल को उसी ओर।
वक़्त गुज़र गया, पर यादें हैं वहीं,
मेरी रूह आज भी टहल रही है वहीं कहीं।

नीली दीवारों पे वो धूप का ठहरना,
और हमारा यूं मस्तानी चाल से गुज़रना...
याद आता है जोधपुर का वो बीता हुआ साल,
जिसने दिल को कर दिया आज फिर से निहाल।

📸✨

“सरताज की रूहानी ‘गुज़ारिश’ और ये मुस्कान हमारी,जैसे हवाओं में घुल गई हो कोई गज़ल प्यारी।
09/10/2026

“सरताज की रूहानी ‘गुज़ारिश’ और ये मुस्कान हमारी,
जैसे हवाओं में घुल गई हो कोई गज़ल प्यारी।

रंग काला ज़रूर है, पर यह किसी के साये में नहीं जीता। यह शक्ति, सादगी और अटूट आत्मविश्वास का प्रतीक है। ज़िंदगी में जब आप...
07/10/2026

रंग काला ज़रूर है, पर यह किसी के साये में नहीं जीता। यह शक्ति, सादगी और अटूट आत्मविश्वास का प्रतीक है। ज़िंदगी में जब आप खुद को पहचान लेते हैं, तो दुनिया की कोई भी चुनौती आपको डिगा नहीं सकती।
काले रंग की भी एक अपनी ही शान है,
यह सादगी में छुपा सबसे बड़ा स्वाभिमान है।
अपनी पहचान खुद बनाइए, किसी और के बनाए खांचों में ढलने की ज़रूरत नहीं। जब इरादे मज़बूत और सोच साफ़ हो, तो आपका आत्मविश्वास ही आपका सबसे बेहतरीन लिबास बन जाता है। अपने अंदाज़ पर भरोसा रखिए और हर कदम निडर होकर बढ़ाइए। 🖤✨

अनंत चतुर्दशी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इसे मनाने के दो मुख्य पौराणिक और सांस्कृतिक का...
25/09/2026

अनंत चतुर्दशी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इसे मनाने के दो मुख्य पौराणिक और सांस्कृतिक कारण हैं:

1. भगवान विष्णु के “अनंत” रूप की पूजा
इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार:
महाभारत काल की कथा: जुए में सब कुछ हारने के बाद पांडव जब वनवास काट रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को अनंत चतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी।
अनंत सूत्र का महत्व: इस व्रत को करने के बाद हाथ में 14 गांठों वाला रेशमी या सूती धागा (अनंत सूत्र) बांधा जाता है। ये 14 गांठे भगवान विष्णु के 14 लोकों (भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक आदि) का प्रतीक मानी जाती हैं।
संकटों से मुक्ति: इस व्रत के प्रभाव से पांडवों को उनका खोया हुआ राज्य वापस मिला था। मान्यता है कि यह व्रत करने से जीवन के सभी दुख, दरिद्रता और संकट दूर होते हैं।
2. गणेश विसर्जन (गणेशोत्सव का समापन)
गणेश चतुर्थी के दिन स्थापित किए गए गणपति जी का 10 दिनों तक पूजन करने के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन जल में विसर्जन किया जाता है।
ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश 10 दिनों तक भक्तों के बीच रहकर उनके सभी विघ्न और कष्ट अपने साथ ले जाते हैं।
अनंत चतुर्दशी को ढोल-नगाड़ों और शोभायात्राओं के साथ “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों के साथ उन्हें विदा किया जाता है।

Address

Jaipur

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Arti Singh Tanwar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Arti Singh Tanwar:

Shortcuts

Share