Manihar Welfare Trust

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📢 *मनिहार समाज एकता बैठक – कानपुर 2026*📚 *शिक्षा से सशक्त समाज, एकता से मजबूत भविष्य!**अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व ब...
08/10/2026

📢 *मनिहार समाज एकता बैठक – कानपुर 2026*

📚 *शिक्षा से सशक्त समाज, एकता से मजबूत भविष्य!*

*अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुह।*

मनिहार बिरादरी के सभी सम्मानित बुजुर्गों, नौजवानों, महिलाओं, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों से अपील है कि *11 अक्टूबर 2026, रविवार* को कानपुर में आयोजित ऐतिहासिक *मनिहार समाज एकता बैठक* में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।

*हमारा उद्देश्य केवल एक बैठक करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारना है।*

आज हमारी बिरादरी को सबसे अधिक आवश्यकता है *शिक्षा, एकता, रोजगार और आपसी सहयोग* की।

हमारा विश्वास है कि *जिस समाज के बच्चे शिक्षित होंगे, नौजवान हुनरमंद होंगे और लोग आपस में एकजुट होंगे, उस समाज को तरक्की करने से कोई नहीं रोक सकता।*

🎯 *बैठक के प्रमुख उद्देश्य:*

📚 *शिक्षा:* बच्चों की बेहतर शिक्षा, उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति के अवसर।

🤝 *एकता:* अलग-अलग संगठनों और क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाना।

💼 *रोजगार:* नौजवानों के लिए रोजगार, कौशल विकास और मार्गदर्शन।

💍 *विवाह सहयोग:* दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देना एवं विवाह काउंटर की व्यवस्था।

🏥 *स्वास्थ्य:* समाज के जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सहयोग।

⚖️ *OBC जागरूकता:* संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी।

👩‍🎓 *महिला सशक्तिकरण:* महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व को बढ़ावा देना।

📅 *दिनांक:* 11 अक्टूबर 2026, रविवार\
🕚 *समय:* सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक\
📍 *स्थान:* गरीब नवाज़ हॉल, बांसमंडी (कासिमगंज), कानपुर, उत्तर प्रदेश – 208001

🏨 *बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए रुकने की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।*

🌹 *यह कार्यक्रम किसी एक संगठन, जिले, राज्य या विचारधारा तक सीमित नहीं है। सभी संगठनों और सभी क्षेत्रों के लोगों का दिल से स्वागत है।*

✅ *आने वाले सभी साथियों से निवेदन है कि वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य करें।*

🔗 [https://aimoc.in/software/events](https://aimoc.in/software/events)

📞 *हेल्पलाइन: 9634881400*

*याद रखिए! संगठन अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारी बिरादरी एक है। हमारा उद्देश्य एक है और हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी साझा है।*

*आइए, शिक्षा को अपना हथियार और एकता को अपनी ताकत बनाएं।*

✊ *बिरादरी जोड़ो • शिक्षा बढ़ाओ • एकता करो*

*मजबूत बिरादरी – मजबूत भारत!*

*आयोजक:*\
*अखिल भारतीय मनिहार संगठन परिसंघ (AIMOC)*\
*एवं यूनाइटेड उम्मत फाउंडेशन*

*एडवोकेट इंजीनियर रियाज़ुद्दीन मनियार*\
राष्ट्रीय महासचिव – AIMOC

तारीख, समय और स्थान उभारेंसंदेश को छोटा और प्रभावी बनाएंरजिस्ट्रेशन आह्वान अधिक स्पष्ट करें

*मनिहार समाज का कल, आज और आने वाला कल*अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुह!अगर हम पिछले 25–50 वर्षों के सामाजिक सफर प...
02/10/2026

*मनिहार समाज का कल, आज और आने वाला कल*

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुह!

अगर हम पिछले 25–50 वर्षों के सामाजिक सफर पर नज़र डालें, तो पाएँगे कि देश के अलग-अलग राज्यों, जिलों और शहरों में मनिहार समाज की बहुत-सी तंजीमें बनीं। इन तंजीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में समाज की सेवा की, लेकिन उस दौर में संचार के सीमित साधनों के कारण एक शहर या राज्य की तंजीम का दूसरे क्षेत्र की तंजीम और समाज के लोगों से बहुत कम संपर्क होता था।

*डिजिटाइजेशन ने बदल दी तस्वीर*

इंटरनेट, मोबाइल और सोशल मीडिया की क्रांति ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया।

आज छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं। अलग-अलग क्षेत्रों, अलग-अलग तंजीमों और अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े मनिहार समाज के लोग अब एक-दूसरे से बातचीत कर रहे हैं, मिल रहे हैं और एक-दूसरे के काम को देख एवं समझ रहे हैं।

*यह बदलाव समाज के लिए खतरा नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा अवसर है।*

लेकिन जब अलग-अलग तंजीमों के लोग एक-दूसरे के संपर्क में आने लगे, तो कुछ लोगों में यह डर भी पैदा हुआ कि कहीं उनकी तंजीम का व्यक्ति दूसरी तंजीम से न जुड़ जाए। इसी सोच के कारण कहीं-कहीं अपने ही लोगों को दूसरी तंजीम के कार्यक्रम में जाने, उनके साथ बैठने या सामाजिक कार्यों में सहयोग करने से रोका जाता है।

*मेरा सवाल बहुत सीधा है*

अगर तंजीम बनाने का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तो समाज के लोगों को आपस में मिलने से रोकना कैसा बिरादरीवाद है?

*तंजीम का मतलब दीवार नहीं, पुल बनाना है*

किसी भी सामाजिक संगठन का असली उद्देश्य इत्तेहाद, मोहब्बत, शिक्षा, तरक्की और आपसी सहयोग होना चाहिए।

अगर कोई दूसरी तंजीम अच्छा काम कर रही है, तो उससे जलने के बजाय उसके अच्छे काम की तारीफ होनी चाहिए। जहाँ संभव हो, सहयोग होना चाहिए और एक-दूसरे के अनुभव से सीखना चाहिए।

एक तंजीम से जुड़ने का अर्थ दूसरी तंजीम का विरोध करना नहीं है।

हमारी पहचान अलग-अलग संस्थाओं से हो सकती है, लेकिन हमारी बिरादरी और सामाजिक उद्देश्य साझा हैं।

किसी व्यक्ति को यह कहना कि “उस तंजीम के साथ मत बैठो, उस व्यक्ति से मत मिलो”—यह सोच समाज को जोड़ने के बजाय बाँटती है। विशेष रूप से तब, जब उसी संस्था के संविधान या bylaws में समाज की एकता, शिक्षा और आपसी सहयोग की बात लिखी गई हो।

*पद से बड़ा उद्देश्य होना चाहिए*

किसी भी संगठन में पद और कुर्सी अस्थायी होती है, लेकिन समाज के लिए किया गया अच्छा काम लंबे समय तक याद रखा जाता है।

अगर किसी को यह डर है कि सभी लोग एक मंच पर बैठ गए तो उसकी व्यक्तिगत अहमियत या पद कम हो जाएगा, तो हमें अपनी सोच पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

*समाज किसी एक व्यक्ति, एक पद या एक तंजीम से बड़ा है।*

आज का समाज पहले से अधिक जागरूक है। लोग देख रहे हैं कि कौन वास्तव में जमीन पर काम कर रहा है, कौन केवल दावे कर रहा है और किसके पास अपने काम का वास्तविक रिकॉर्ड और डेटा मौजूद है।

*आने वाला समय डेटा और पारदर्शिता का है*

सोशल मीडिया और डिजिटाइजेशन ने सामाजिक कार्यों में एक नई पारदर्शिता पैदा की है।

आने वाले समय में केवल बड़े-बड़े दावे काफी नहीं होंगे। लोगों के सामने सवाल होंगे—

आपने कितने लोगों को शिक्षा से जोड़ा?
कितने जरूरतमंद परिवारों की मदद की?
कितने युवाओं को रोजगार या Skill Development से जोड़ा?
कितने वैवाहिक रिश्तों में सहायता की?
आपकी संस्था के दस्तावेज, Registration और Bylaws की स्थिति क्या है?
आपकी सदस्य संख्या और कार्यों का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है?

अब सामाजिक कार्य धीरे-धीरे दावों से निकलकर Data, Documentation, Transparency और Ground Work की तरफ बढ़ रहा है।

यही बदलाव मनिहार समाज के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

*दिखावे से ज्यादा जरूरी निरंतर काम*

पोस्टर, सोशल मीडिया और प्रचार किसी अच्छे काम की जानकारी लोगों तक पहुँचाने के साधन हो सकते हैं, लेकिन वे स्वयं सामाजिक कार्य का विकल्प नहीं हैं।

अंततः पहचान उसी की बनेगी जिसका काम जमीन पर दिखाई देगा और जिसका रिकॉर्ड समय की कसौटी पर खरा उतरेगा।

*Slow and steady wins the race.*

नकल करके, किसी दूसरे के काम को छोटा दिखाकर या दूसरे की सफलता से परेशान होकर कोई संस्था लंबे समय तक मजबूत नहीं बन सकती।

हर तंजीम को अपनी अलग पहचान, अपना Vision और अपने काम करने का बेहतर तरीका विकसित करना चाहिए।

*मुकाबला नहीं—सहयोग कीजिए*

मेरा मानना है कि हमें किसी व्यक्ति या तंजीम को बुरा साबित करने में अपनी ऊर्जा खर्च नहीं करनी चाहिए।

आप अपना काम कीजिए, हम अपना काम करें और जहाँ समाज का फायदा हो, वहाँ मिलकर काम करें।

किसने कितना काम किया, किसका तरीका बेहतर रहा और कौन केवल दावे करता रहा—इसका फैसला समय और समाज स्वयं कर देगा।

हमें किसी को नीचा दिखाकर ऊपर नहीं उठना है।

हमें अपने काम, अपने अख़लाक़ और अपनी सोच से आगे बढ़ना है।

*मनिहार समाज का आने वाला कल*

मेरा विश्वास है कि आने वाले समय में मनिहार समाज की ताकत किसी एक तंजीम में नहीं, बल्कि अलग-अलग तंजीमों के बीच Cooperation और Collective Vision में होगी।

तंजीमें अपनी-अपनी पहचान के साथ काम करती रहें, लेकिन शिक्षा, रोजगार, Skill Development, स्वास्थ्य, शादी-विवाह, सामाजिक जागरूकता और समाज के अधिकारों जैसे साझा मुद्दों पर एक-दूसरे का हाथ पकड़ें।

हमारी तंजीमें अलग हो सकती हैं,
हमारे पद अलग हो सकते हैं,
हमारे काम करने के तरीके अलग हो सकते हैं,
लेकिन हमारी बिरादरी और हमारा भविष्य साझा है।

*आइए, दीवारें नहीं—पुल बनाएँ।*

प्रतिस्पर्धा नहीं—सहयोग करें।
व्यक्तिगत पद नहीं—समाज के भविष्य को प्राथमिकता दें।

इंशाअल्लाह, हम सब ईमानदारी और निरंतरता से अपना-अपना काम करते रहें। किसी को बुरा साबित करने की आवश्यकता नहीं है। समय, काम और डेटा खुद बता देंगे कि किसने समाज के लिए क्या किया।

*मनिहार समाज को जोड़ना है—तोड़ना नहीं।*

साथ बढ़ना है—एक-दूसरे को रोकना नहीं।

आपका
Adv. Er. Riyazuddin Maniyar
📞 9892919173

*मनिहार समाज का कल, आज और आने वाला कल*अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुह!अगर हम पिछले 25–50 वर्षों के सामाजिक सफर प...
02/10/2026

*मनिहार समाज का कल, आज और आने वाला कल*

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुह!

अगर हम पिछले 25–50 वर्षों के सामाजिक सफर पर नज़र डालें, तो पाएँगे कि देश के अलग-अलग राज्यों, जिलों और शहरों में मनिहार समाज की बहुत-सी तंजीमें बनीं। इन तंजीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में समाज की सेवा की, लेकिन उस दौर में संचार के सीमित साधनों के कारण एक शहर या राज्य की तंजीम का दूसरे क्षेत्र की तंजीम और समाज के लोगों से बहुत कम संपर्क होता था।

*डिजिटाइजेशन ने बदल दी तस्वीर*

इंटरनेट, मोबाइल और सोशल मीडिया की क्रांति ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया।

आज छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं। अलग-अलग क्षेत्रों, अलग-अलग तंजीमों और अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े मनिहार समाज के लोग अब एक-दूसरे से बातचीत कर रहे हैं, मिल रहे हैं और एक-दूसरे के काम को देख एवं समझ रहे हैं।

*यह बदलाव समाज के लिए खतरा नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा अवसर है।*

लेकिन जब अलग-अलग तंजीमों के लोग एक-दूसरे के संपर्क में आने लगे, तो कुछ लोगों में यह डर भी पैदा हुआ कि कहीं उनकी तंजीम का व्यक्ति दूसरी तंजीम से न जुड़ जाए। इसी सोच के कारण कहीं-कहीं अपने ही लोगों को दूसरी तंजीम के कार्यक्रम में जाने, उनके साथ बैठने या सामाजिक कार्यों में सहयोग करने से रोका जाता है।

*मेरा सवाल बहुत सीधा है*

अगर तंजीम बनाने का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तो समाज के लोगों को आपस में मिलने से रोकना कैसा बिरादरीवाद है?

*तंजीम का मतलब दीवार नहीं, पुल बनाना है*

किसी भी सामाजिक संगठन का असली उद्देश्य इत्तेहाद, मोहब्बत, शिक्षा, तरक्की और आपसी सहयोग होना चाहिए।

अगर कोई दूसरी तंजीम अच्छा काम कर रही है, तो उससे जलने के बजाय उसके अच्छे काम की तारीफ होनी चाहिए। जहाँ संभव हो, सहयोग होना चाहिए और एक-दूसरे के अनुभव से सीखना चाहिए।

एक तंजीम से जुड़ने का अर्थ दूसरी तंजीम का विरोध करना नहीं है।

हमारी पहचान अलग-अलग संस्थाओं से हो सकती है, लेकिन हमारी बिरादरी और सामाजिक उद्देश्य साझा हैं।

किसी व्यक्ति को यह कहना कि “उस तंजीम के साथ मत बैठो, उस व्यक्ति से मत मिलो”—यह सोच समाज को जोड़ने के बजाय बाँटती है। विशेष रूप से तब, जब उसी संस्था के संविधान या bylaws में समाज की एकता, शिक्षा और आपसी सहयोग की बात लिखी गई हो।

*पद से बड़ा उद्देश्य होना चाहिए*

किसी भी संगठन में पद और कुर्सी अस्थायी होती है, लेकिन समाज के लिए किया गया अच्छा काम लंबे समय तक याद रखा जाता है।

अगर किसी को यह डर है कि सभी लोग एक मंच पर बैठ गए तो उसकी व्यक्तिगत अहमियत या पद कम हो जाएगा, तो हमें अपनी सोच पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

*समाज किसी एक व्यक्ति, एक पद या एक तंजीम से बड़ा है।*

आज का समाज पहले से अधिक जागरूक है। लोग देख रहे हैं कि कौन वास्तव में जमीन पर काम कर रहा है, कौन केवल दावे कर रहा है और किसके पास अपने काम का वास्तविक रिकॉर्ड और डेटा मौजूद है।

*आने वाला समय डेटा और पारदर्शिता का है*

सोशल मीडिया और डिजिटाइजेशन ने सामाजिक कार्यों में एक नई पारदर्शिता पैदा की है।

आने वाले समय में केवल बड़े-बड़े दावे काफी नहीं होंगे। लोगों के सामने सवाल होंगे—

आपने कितने लोगों को शिक्षा से जोड़ा?
कितने जरूरतमंद परिवारों की मदद की?
कितने युवाओं को रोजगार या Skill Development से जोड़ा?
कितने वैवाहिक रिश्तों में सहायता की?
आपकी संस्था के दस्तावेज, Registration और Bylaws की स्थिति क्या है?
आपकी सदस्य संख्या और कार्यों का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है?

अब सामाजिक कार्य धीरे-धीरे दावों से निकलकर Data, Documentation, Transparency और Ground Work की तरफ बढ़ रहा है।

यही बदलाव मनिहार समाज के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

*दिखावे से ज्यादा जरूरी निरंतर काम*

पोस्टर, सोशल मीडिया और प्रचार किसी अच्छे काम की जानकारी लोगों तक पहुँचाने के साधन हो सकते हैं, लेकिन वे स्वयं सामाजिक कार्य का विकल्प नहीं हैं।

अंततः पहचान उसी की बनेगी जिसका काम जमीन पर दिखाई देगा और जिसका रिकॉर्ड समय की कसौटी पर खरा उतरेगा।

*Slow and steady wins the race.*

नकल करके, किसी दूसरे के काम को छोटा दिखाकर या दूसरे की सफलता से परेशान होकर कोई संस्था लंबे समय तक मजबूत नहीं बन सकती।

हर तंजीम को अपनी अलग पहचान, अपना Vision और अपने काम करने का बेहतर तरीका विकसित करना चाहिए।

*मुकाबला नहीं—सहयोग कीजिए*

मेरा मानना है कि हमें किसी व्यक्ति या तंजीम को बुरा साबित करने में अपनी ऊर्जा खर्च नहीं करनी चाहिए।

आप अपना काम कीजिए, हम अपना काम करें और जहाँ समाज का फायदा हो, वहाँ मिलकर काम करें।

किसने कितना काम किया, किसका तरीका बेहतर रहा और कौन केवल दावे करता रहा—इसका फैसला समय और समाज स्वयं कर देगा।

हमें किसी को नीचा दिखाकर ऊपर नहीं उठना है।

हमें अपने काम, अपने अख़लाक़ और अपनी सोच से आगे बढ़ना है।

*मनिहार समाज का आने वाला कल*

मेरा विश्वास है कि आने वाले समय में मनिहार समाज की ताकत किसी एक तंजीम में नहीं, बल्कि अलग-अलग तंजीमों के बीच Cooperation और Collective Vision में होगी।

तंजीमें अपनी-अपनी पहचान के साथ काम करती रहें, लेकिन शिक्षा, रोजगार, Skill Development, स्वास्थ्य, शादी-विवाह, सामाजिक जागरूकता और समाज के अधिकारों जैसे साझा मुद्दों पर एक-दूसरे का हाथ पकड़ें।

हमारी तंजीमें अलग हो सकती हैं,
हमारे पद अलग हो सकते हैं,
हमारे काम करने के तरीके अलग हो सकते हैं,
लेकिन हमारी बिरादरी और हमारा भविष्य साझा है।

*आइए, दीवारें नहीं—पुल बनाएँ।*

प्रतिस्पर्धा नहीं—सहयोग करें।
व्यक्तिगत पद नहीं—समाज के भविष्य को प्राथमिकता दें।

इंशाअल्लाह, हम सब ईमानदारी और निरंतरता से अपना-अपना काम करते रहें। किसी को बुरा साबित करने की आवश्यकता नहीं है। समय, काम और डेटा खुद बता देंगे कि किसने समाज के लिए क्या किया।

*मनिहार समाज को जोड़ना है—तोड़ना नहीं।*

साथ बढ़ना है—एक-दूसरे को रोकना नहीं।

आपका
Adv. Er. Riyazuddin Maniyar
📞 9892919173

📢 *पसंदीदा समाज सेवक अवार्ड 2026 — मास्टर मोहम्मद शाहिद साहब को अपना वोट दें*अस्सलामु अलैकुम,मास्टर मोहम्मद शाहिद साहब, ...
29/09/2026

📢 *पसंदीदा समाज सेवक अवार्ड 2026 — मास्टर मोहम्मद शाहिद साहब को अपना वोट दें*

अस्सलामु अलैकुम,

मास्टर मोहम्मद शाहिद साहब, रायबरेली पिछले कई वर्षों से मनिहार समाज की निःस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। उन्होंने समाज के बेटे-बेटियों के 100 से अधिक रिश्ते/शादियाँ कराने में बिना किसी शुल्क के सहयोग किया है।

वे वर्तमान में:
प्राथमिक शिक्षक
MWT राष्ट्रीय सचिव
AIMOC राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हैं।

आप सभी से गुज़ारिश है कि पहले नीचे दिए गए लिंक पर Registration करें, उसके बाद Election/Voting में जाकर “पसंदीदा समाज सेवक अवार्ड 2026” के लिए मास्टर मोहम्मद शाहिद साहब को अपना वोट दें।

👉 Registration Link:

https://aimoc.in/software/register

आपका एक वोट समाज के लिए की गई निःस्वार्थ सेवा का सम्मान है।

🙏 कृपया रजिस्ट्रेशन करें, चुनाव में भाग लें और मास्टर मोहम्मद शाहिद साहब को वोट दें।

*लखनऊ के एक बच्चे की शिक्षा में मदद**ज़मीनी काम की एक छोटी सी मिसाल*अस्सलामु अलैकुम,मनिहार बिरादरी का लखनऊ निवासी एक बच्...
28/09/2026

*लखनऊ के एक बच्चे की शिक्षा में मदद*

*ज़मीनी काम की एक छोटी सी मिसाल*

अस्सलामु अलैकुम,

मनिहार बिरादरी का लखनऊ निवासी एक बच्चा, जिसके वालिद नहीं हैं, परिस्थितियों के कारण स्कूल नहीं जा पा रहा था। Manihar Welfare Trust (MWT) की टीम के संपर्क में आने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी ली गई और अल्हम्दुलिल्लाह, उसका स्कूल में दाखिला करा दिया गया।

आज उस बच्चे की एक मुस्कुराती हुई तस्वीर साझा कर रहा हूँ। उसकी यह मुस्कुराहट हमारे लिए सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि यह याद दिलाती है कि सही व्यक्ति तक *सही समय पर मदद पहुँच जाए, तो किसी बच्चे का भविष्य बदल सकता है।*

लेकिन सवाल यह है कि क्या हमारी बिरादरी में ऐसे और बच्चे-बच्चियाँ नहीं हैं जिन्हें—

तालीम नहीं मिल पा रही,
रिश्तों की परेशानियाँ हैं,
रोज़गार नहीं मिल रहा,
या दो वक्त की रोटी तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है?

ऐसे परिवार बहुत हैं। असली समस्या यह है कि हम सब मिलकर ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थित तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं।

लखनऊ में ही अनेक तंजीमें हैं। उत्तर प्रदेश और पूरे भारत में भी बहुत सी सामाजिक संस्थाएँ काम करने का दावा करती हैं। लेकिन हमें खुद से पूछना चाहिए—हमारे पास कितने परिवारों का वास्तविक डेटा है? कितने जरूरतमंद बच्चों, बेरोजगार युवाओं, अविवाहित युवक-युवतियों, BPL परिवारों और OBC परिवारों की जिला-वार जानकारी उपलब्ध है?

*डेटा ही ज़मीनी काम की बुनियाद है*

Manihar Welfare Trust (MWT) पिछले लगभग एक दशक से एक व्यवस्थित नेटवर्क और डेटाबेस तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। हमारा प्रयास है कि राज्य और जिला स्तर पर जरूरतमंद परिवारों की जानकारी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो।

जिला स्तर पर डेटा को अलग-अलग श्रेणियों में व्यवस्थित किया जा रहा है, जैसे—

Kids / Education, Unmarried, Jobless, BPL और OBC आदि।

इस डेटा को वेबसाइट और Android App के माध्यम से भी व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ज़मीनी स्तर पर समाधान तैयार किए जा सकें—जैसे Education Seminars, Health Camps, Skill & Employment Programs, Marriage Get-Togethers और जरूरतमंद परिवारों की सीधी सहायता।

समस्या कहाँ आती है?

दुर्भाग्य से कई बार किसी संस्था का नेटवर्क या सिस्टम देखकर उसी तरह का एक अलग नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश शुरू हो जाती है। इससे संसाधन और मेहनत बँट जाती है, जबकि आवश्यकता इस बात की है कि अलग-अलग तंजीमें अपना-अपना वास्तविक डेटा लेकर एक टेबल पर बैठें और एक Common Minimum Program पर मिलकर काम करें।

किसने कितना काम किया, इसका फैसला केवल दावों, पदों या WhatsApp Groups की संख्या से नहीं होना चाहिए। ज़मीनी काम और प्रमाणित डेटा सामने होना चाहिए।

आज एक-दूसरे के ग्रुप से नंबर लेकर “All India” WhatsApp Group बनाने की होड़ दिखाई देती है। कुछ लोग दूसरों के बनाए नेटवर्क में समय-समय पर संदेश डालकर ही अपनी सामाजिक सक्रियता साबित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन केवल WhatsApp पर मौजूदगी किसी मजबूत सामाजिक नेटवर्क का विकल्प नहीं हो सकती।

असल सामाजिक काम की बुनियाद है—जिला-वार नेटवर्क, परिवारों तक सीधी पहुँच, वास्तविक डेटा, जरूरत की पहचान और उसके बाद समाधान।

*हमारी तरफ से खुली पेशकश*

हमारी गुजारिश है कि किसी भी तंजीम के जिम्मेदार लोग किसी भी जिले या राज्य में हमारे साथ बैठें। वहाँ की बिरादरी की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध डेटा, समस्याएँ और किए गए कार्य एक टेबल पर रखे जाएँ।

हम कल भी मिलकर काम करने के लिए तैयार थे,
आज भी तैयार हैं और इंशाअल्लाह आगे भी तैयार रहेंगे।

मकसद किसी तंजीम को छोटा या बड़ा साबित करना नहीं होना चाहिए। मकसद यह होना चाहिए कि बिरादरी का कोई बच्चा पैसे के अभाव में स्कूल से बाहर न रहे, कोई जरूरतमंद परिवार भूखा न रहे और शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य तथा रिश्तों जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए एक मजबूत ज़मीनी व्यवस्था बने।

अल्लाह हम सबको केवल लिखने और बोलने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फरमाए।

आमीन या रब्बल आलमीन।

Adv. Er. Riyazuddin Maniyar
📞 9892919173

Founder — Manihar Welfare Trust (2017)
President — United Ummat Foundation
President — Justice Law Firm, Mumbai
General Secretary — AIMOC
Maintenance Engineer — ADNOC

16/09/2026
https://whatsapp.com/channel/0029Va5EUsyFy727Y9iA1M42/174
25/03/2026

https://whatsapp.com/channel/0029Va5EUsyFy727Y9iA1M42/174

Follow Adv/Er. Riyazuddin Maniyar's WhatsApp channel. Founder of Manihar Welfare Trust®. An Electronic Engineer ,Lawyer, and Post Graduate in Political science and Sociology. 15 Years of experience for working in oil field offshore sector. Did 4 years R&D projects in IIT Bombay, Govt. of India for DRDO and ISRO.
Currently working as an Electronics Engineer at Offshore Services in ADNOC UAE Govt.. Join 225 followers for the latest updates.

प्रिय सदस्यगण, दानदाताओं एवं पदाधिकारियों,MWT*अस्सलामुअलैकुम,*जैसा कि आप सभी जानते हैं कि *MWT एक पंजीकृत संस्था* है और ...
14/01/2026

प्रिय सदस्यगण, दानदाताओं एवं पदाधिकारियों,
MWT

*अस्सलामुअलैकुम,*

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि *MWT एक पंजीकृत संस्था* है और हर वर्ष इसकी *ऑडिट, अकाउंट, वेबसाइट, मीटिंग्स और लोगो* से संबंधित काम हम सभी मिलकर करते हैं। ज़्यादातर हम आपकी *मेंबरशिप फीस, डोनेशन* और ज़रूरतमंदों की मदद के लिए आपके *सदक़ा व ज़कात* पर निर्भर रहते हैं।

नया साल 2026 शुरू हो चुका है और तंज़ीम को *वेबसाइट रिन्यूअल, ऑडिट, अकाउंटिंग* और *एनुअल बुकलेट की प्रिंटिंग* जैसे खर्चों का सामना करना होता है।

आप सभी से गुज़ारिश है कि आप अपनी *सालाना मेंबरशिप फीस* जमा कर दें।

हमने *मंथली मेंबरशिप फीस खत्म कर* दी है और *एनुअल मेंबरशिप सिस्टम* शुरू किया है। इससे बार–बार भुगतान की परेशानी खत्म होगी और इंशाअल्लाह फीस भी कम रखी गई है।

मेंबरशिप फीस विवरण इस प्रकार है:

* *नेशनल मेंबर्स:* ₹2000
* *स्टेट मेंबर्स:* ₹1500
* *मंडल एवं ज़िला लेवल:* ₹1000
* *ज़िला लेवल से नीचे:* ₹500
* *वीमेन मेंबर्स:* ₹100

*आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि *MWT के ऑफ़िशियल अकाउंट* में ही मेंबरशिप फीस जमा करें।*

*QR कोड, Paytm और बैंक अकाउंट डिटेल्स नीचे दिए गए हैं:*

Account holder: Manihar Welfare Trust
Bank Name: AXIS BANK
A/C: 918020114571878
IFSC Code: UTIB0001696
Branch: Sakinaka Mumbai (MH), India

Direct payment and receipt online at the link below:

https://manihar.org/software/donation_visitor_form

MWT एडमिन
9634881400

*आमंत्रण पत्र**संस्था का गठन एवं निर्वाचन प्रक्रिया-2026* *अखिल भारतीय मनीहार संगठन परिसंघ*  (प्रस्तावित नाम)*All India ...
28/12/2025

*आमंत्रण पत्र*

*संस्था का गठन एवं निर्वाचन प्रक्रिया-2026*

*अखिल भारतीय मनीहार संगठन परिसंघ* (प्रस्तावित नाम)

*All India Manihar Organizations Confederation* (Proposed)

आदरणीय
पदाधिकारीगण, संगठन प्रतिनिधिगण, बौद्धिक वर्ग एवं सम्मानित महिलाएँ,

*अस्सलामु अलैकुम !*

आप सभी को यह सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि देशभर के पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त बिरादरी संगठनों, बौद्धिक वर्ग तथा योग्य एवं स्वतंत्र महिलाओं को एक साझा, गैर-राजनीतिक, गैर-गुटबाज़ और पूर्णतः पारदर्शी राष्ट्रीय मंच पर लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सेमिनार एवं राष्ट्रीय कोर समिति के गठन एवं निर्वाचन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। यह संपूर्ण प्रक्रिया कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP), स्पष्ट एवं लिखित उपविधियों, तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और पूर्ण पारदर्शिता के सिद्धांतों पर आधारित होगी।

प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएँ (संक्षेप में) जो संगठन मुख्य रूप से सहमत हैं, उन्हें नियत समय में पूरी संरचना और विवरण दिया जाएगा

• घोषणा एवं आमंत्रण: 28 दिसंबर 2025 से

• नामांकन / आवेदन एवं दस्तावेज़ संग्रह: 28 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026

• आवेदन जाँच, आपत्ति एवं अंतिम सूची: 1 अप्रैल 2026 से 8 अप्रैल 2026

• CMP एवं उपविधियों का अंतिम अनुमोदन: 10 अप्रैल 2026 से 12 अप्रैल 2026

• राष्ट्रीय सेमिनार, निर्वाचन, परिणाम एवं शपथ ग्रहण: 26 अप्रैल 2026

• सभी रिकॉर्ड राष्ट्रीय वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध:(परिणाम घोषणा के 90 दिनों के भीतर)

*राष्ट्रीय सेमिनार का विवरण*

📅 दिनांक: 26 अप्रैल 2026
📍 स्थान: दिल्ली (विस्तृत पता शीघ्र सूचित किया जाएगा)
⏰ समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक
🍽️ भोजन अवकाश: 1:00 बजे से 2:00 बजे तक

*प्रातः सत्र:*

सभी संगठनों एवं प्रतिनिधियों के विचार, सुझाव एवं भाषण (लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से)

*दोपहर पश्चात सत्र:*

निर्वाचन प्रक्रिया, मतदान एवं परिणाम घोषणा (लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से)

*समिति की संरचना एवं प्रतिनिधित्व*

• कुल 151 सदस्यों की राष्ट्रीय समिति
• 50% प्रतिनिधित्व: पंजीकृत संगठनों से
• 25% प्रतिनिधित्व: बौद्धिक वर्ग से (वकील, इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक आदि – संगठन से असंबद्ध)
• 25% प्रतिनिधित्व: महिलाओं से (18 वर्ष से अधिक आयु, संगठन से असंबद्ध)
• प्रत्येक संगठन अधिकतम 5 प्रतिनिधि नामित कर सकेगा।
• शिक्षा, महिला विकास, युवा, मीडिया-आईटी, वित्त, विधिक, अनुशासन, सुलह, रोज़गार, स्किल, OBC जागरूकता, दीनि आदि विषयों पर उप-समितियाँ / विभाग गठित किए जाएंगे।

*पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता के प्रमुख आधार*

• एक समर्पित राष्ट्रीय वेबसाइट स्थापित की जाएगी, जहाँ निम्नलिखित दस्तावेज़ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होंगे:

• उपविधियाँ, नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र, AGM की कार्यवृत्त (Minutes of Meeting), वार्षिक रिपोर्ट, आय–व्यय विवरण एवं ऑडिट रिपोर्ट

• निर्वाचन प्रक्रिया रिकॉर्डेड होगी तथा लाइव भी की जाएगी।

• प्रत्येक संगठन की स्वतंत्र पहचान पूर्णतः सुरक्षित रहेगी —
यह मंच किसी भी प्रकार का विलय (Merger) नहीं है।

• समिति केवल समन्वय, सहयोग और सामूहिक विकास का मंच होगी।

• कोई भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में *अधिकतम दो बार ही राष्ट्रीय अध्यक्ष* बन सकेगा।

• प्रत्येक 3 वर्ष में अनिवार्य रूप से चुनाव कराए जाएंगे।

*आमंत्रण*

हम देशभर के सभी बिरादरी NGO/संगठनों, बौद्धिक वर्ग तथा योग्य महिलाओं को इस ऐतिहासिक, लोकतांत्रिक एवं पारदर्शी राष्ट्रीय पहल में सक्रिय सहभागिता हेतु सादर आमंत्रित करते हैं।

• प्रत्येक बिरादरी संगठन से संपर्क *केवल उसके प्रमुख/अध्यक्ष* के माध्यम से किया जाएगा।

• आमंत्रण पत्र भी संगठन प्रमुख को ही प्रेषित किया जाएगा, जिससे किसी प्रकार का भ्रम, गलतफहमी अथवा संगठनात्मक असंतोष उत्पन्न न हो।
संगठनों द्वारा अपने 5 प्रतिनिधियों के नाम दर्ज करने हेतु ऑनलाइन लिंक उपलब्ध है, जिसके माध्यम से संबंधित विवरण भरा जा सकता है:

*https://tinyurl.com/45pxtx4p*

यह आमंत्रण पत्र अध्ययन एवं विचारार्थ प्रेषित किया जा रहा है।

किसी भी प्रकार के मशविरा, सुझाव या संशोधन का सादर स्वागत है।

इंशाअल्लाह, 28 दिसंबर 2025 से इस राष्ट्रीय मिशन को सार्वजनिक रूप से प्रारंभ किया जाएगा, तथा चरणबद्ध रूप से सभी संबंधित संगठनों एवं व्यक्तियों को इस मंच से जोड़ा जाएगा।

आप इस आमंत्रण को अन्य किसी NGO, बौद्धिक व्यक्ति अथवा योग्य महिला तक भी साझा कर सकते हैं।आपकी सहभागिता इस राष्ट्रीय प्रयास को मजबूती, विश्वसनीयता और स्पष्ट दिशा प्रदान करेगी।
( हम प्रत्येक पंजीकृत संगठन अध्यक्ष को निमंत्रण देंगे और स्पष्टता के लिए सोशल मीडिया/व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण साझा करेंगे।

*आयोजन समिति-2026*

आप भी आयोजन समिति में भाग ले सकते हैं। यदि आप इच्छुक हों, तो कृपया निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क करें:

*आयोजकों की सूची*

मनीहार वेलफेयर ट्रस्ट — 📞 9634881400
जमात-ए-सिद्दीकी ऑफ़ इंडिया — 📞 9868266715
उत्तर प्रदेश सिद्दीकी जमात — 📞 9389630513

**सहभागी संगठनों / बुद्धिजीवियों / महिलाओं की सूची**

1) मनीहार वेलफेयर ट्रस्ट-Mumbai
2) जमात-ए-सिद्दीकी ऑफ़ इंडिया — Delhi
3 उत्तर प्रदेश सिद्दीकी जमात — Uttar Pradesh

यह एक *ऐतिहासिक, बेमिसाल और पूर्णतः पारदर्शी सेमिनार* होगा, जिसे हमारी **बिरादरी अपनी पारदर्शिता के लिए लंबे समय तक याद रखेगी**।
इस सेमिनार में **हर व्यक्ति को भाग लेने का समान अवसर** प्रदान किया जाएगा तथा **सभी के साथ ईमानदारी और 100% पारदर्शिता** सुनिश्चित की जाएगी।

सेमिनार के अंतर्गत होने वाले **समस्त भाषणों एवं चुनावी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण** किया जाएगा और **प्रत्येक संगठन तथा प्रत्येक बुद्धिजीवी को समान समय/सम्मान** दिया जाएगा।

प्रत्येक संगठन/बुद्धिजीवी/महिला इसमें भाग ले सकते हैं क्योंकि लाइव वीडियो प्रसारण के साथ यह पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया है।

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